यूपी: केंद्रीय राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह को हाईकोर्ट से फौरी राहत, फिलहाल नहीं दर्ज होगी एफआईआर
खबर का सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने केंद्रीय राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निचली अदालत के आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है और मामले को दोबारा सुनवाई के लिए सत्र अदालत को भेज दिया है।
खबर का विस्तृत विवरण
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने केंद्रीय राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश को लेकर अहम फैसला सुनाया है। न्यायमूर्ति राजीव सिंह की एकल पीठ ने गोण्डा की सत्र अदालत द्वारा पुनरीक्षण याचिका खारिज करने के आदेश को निरस्त कर दिया है।
दरअसल, गोण्डा के अजय सिंह नामक व्यक्ति ने स्थानीय अदालत में मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश हासिल किया था। आरोप था कि उसकी जमीन हड़पने के लिए धोखाधड़ी की गई और उस पर झूठा मुकदमा भी दर्ज कराया गया।
एफआईआर दर्ज करने के इस आदेश के खिलाफ मंत्री की ओर से विशेष न्यायालय (एमपी/एमएलए) में पुनरीक्षण याचिका दाखिल की गई थी। हालांकि, लगातार अनुपस्थिति के चलते सत्र अदालत ने 30 जनवरी 2026 को याचिका खारिज कर दी थी।
इस आदेश को चुनौती देते हुए मंत्री ने हाईकोर्ट का रुख किया। हाईकोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व निर्णयों के अनुसार, स्वीकृत पुनरीक्षण याचिका को केवल अनुपस्थिति के आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता।
कोर्ट ने 30 जनवरी के आदेश को रद्द करते हुए सत्र अदालत को निर्देश दिया कि वह मामले का निस्तारण गुण-दोष के आधार पर करे। इसके साथ ही, पुनरीक्षण याचिका पर अंतिम फैसला आने तक मंत्री को मिली अंतरिम राहत को भी बरकरार रखा गया है।
इस फैसले के बाद फिलहाल केंद्रीय राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी।