Kanpur Horror: रिटायर्ड फौजी ने पत्नी और बेटे को उतारा मौत के घाट, फिर ट्रेन के आगे लेटकर दी जान; सट्टे की लत बनी वजह!
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ सेन पश्चिम पारा क्षेत्र में एक रिटायर्ड फौजी ने मामूली विवाद और कर्ज के बोझ के चलते अपनी पत्नी और जवान बेटे की नृशंस हत्या कर दी और बाद में खुद भी आत्महत्या कर ली। इस सनसनीखेज वारदात ने इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
तड़के सुबह अंजाम दी गई वारदात
घटना सोमवार तड़के की है। मूल रूप से घाटमपुर के सेरुआ बखरिआ गांव के निवासी चेतराम पासवान (52), जो सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद मालरोड स्थित रिजर्व बैंक में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में तैनात थे, ने इस खौफनाक कदम को उठाया।
पुलिस जांच के अनुसार, चेतराम ने अपनी लाइसेंसी दोनाली बंदूक से पहले सो रही पत्नी सुनीता (45) के माथे पर गोली मारी। गोली इतनी नजदीक से मारी गई थी कि चेहरा पूरी तरह क्षत-विक्षत हो गया। गोली की आवाज सुनकर दूसरे कमरे में सो रहा बेटा दीप (16), जो कक्षा 9 का छात्र था, भागकर वहां पहुँचा। निर्दयी पिता ने उसे भी नहीं बख्शा और उसके सिर में गोली मारकर उसकी जीवनलीला समाप्त कर दी।
खुदकुशी की नाकाम कोशिश और फिर दर्दनाक अंत
हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी चेतराम ने खुद को भी गोली मारने की कोशिश की। फॉरेंसिक टीम को मौके से ऐसे साक्ष्य मिले हैं जिनसे पता चलता है कि बंदूक की नाल लंबी होने के कारण उसका निशाना चूक गया और गोली जमीन में जा धंसी। इसके बाद वह अपनी बाइक लेकर कठोंगर गांव के पास डीएफसी (DFC) रेलवे ट्रैक पर पहुँचा और मालगाड़ी के आगे लेटकर अपनी जान दे दी।
कैसे हुआ मामले का खुलासा?
घटना का पता तब चला जब जीआरपी (GRP) को रेलवे ट्रैक पर एक क्षत-विक्षत शव मिला। पास में ही एक लावारिस बाइक खड़ी थी। पुलिस ने जब बाइक के नंबर की जांच की, तो वह चेतराम के नाम पर पंजीकृत मिली। जब पुलिसकर्मी उसके घर पहुँचे, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गए। घर के अंदर पत्नी और बेटे के खून से लथपथ शव पड़े थे।
सट्टे की लत और कर्ज का जाल
डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी के अनुसार, शुरुआती जांच और रिश्तेदारों से पूछताछ में यह बात सामने आई है कि चेतराम को सट्टे की लत थी। इस लत के कारण वह काफी कर्जदार हो चुका था। इसी वजह से घर में अक्सर विवाद होता रहता था। पुलिस को मौके से लाइसेंसी दोनाली बंदूक, तीन खोखे और मोबाइल बरामद हुए हैं।
नए घर में शिफ्ट हुआ था परिवार
हैरानी की बात यह है कि यह परिवार अभी हाल ही में (अक्तूबर 2025 में) तुलसियापुर स्थित इस नए घर में शिफ्ट हुआ था। पहले वे आवास विकास हंसपुरम में रहते थे। पड़ोसियों ने कभी नहीं सोचा था कि एक फौजी का परिवार इस तरह बिखर जाएगा।
निष्कर्ष और समाज के लिए सबक
यह घटना दर्शाती है कि जुआ और सट्टा न केवल आर्थिक रूप से किसी व्यक्ति को तोड़ता है, बल्कि उसके मानसिक संतुलन और परिवार को भी तबाह कर देता है। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है ताकि हत्या के पीछे के सटीक कारणों की पुष्टि हो सके.