लखनऊ

​UP Weather Update: यूपी में समय से पहले गर्मी की दस्तक, आज से बदलेगा मौसम; इन जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में कुदरत के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। जहां एक ओर फरवरी के महीने में ही चिलचिलाती धूप ने लोगों को मई-जून जैसी गर्मी का अहसास कराना शुरू कर दिया है, वहीं दूसरी ओर एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) प्रदेश के मौसम का मिजाज बदलने के लिए तैयार है। मौसम विभाग (IMD) ने आज, 18 फरवरी 2026 से राज्य के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है।

गर्मी का रिकॉर्ड: फरवरी में ही 31 डिग्री के पार पहुंचा पारा

​इस साल ठंड की विदाई के साथ ही गर्मी ने बेहद आक्रामक तरीके से दस्तक दी है। प्रदेश के कई शहरों में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। मंगलवार को बांदा उत्तर प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां पारा 31.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

इन शहरों में भी रहा गर्मी का असर:

  • हमीरपुर: 31.2°C
  • प्रयागराज: 31.0°C
  • झांसी व वाराणसी: 30.0°C से अधिक

​इतना ही नहीं, रातों के तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इटावा में न्यूनतम तापमान 15.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो इस मौसम के लिहाज से काफी अधिक है।

पश्चिमी विक्षोभ का असर: कहां होगी बारिश?

​आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के अनुसार, एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर रहा है। इसके प्रभाव से बुधवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों और बुंदेलखंड के इलाकों में बादलों की आवाजाही बढ़ेगी।

प्रभावित होने वाले प्रमुख क्षेत्र:

  1. आगरा और अलीगढ़ मंडल: यहाँ हल्की बूंदाबांदी और गरज-चमक की संभावना है।
  2. बुंदेलखंड क्षेत्र: झांसी, बांदा और आसपास के जिलों में मौसम बदलेगा।
  3. एनसीआर के जिले: दिल्ली से सटे नोएडा और गाजियाबाद में भी बादलों का असर दिख सकता है।

तेज हवाओं और धूल भरी आंधी का अनुमान

​मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बारिश के साथ-साथ इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। हवाओं की दिशा में बदलाव और बादलों की मौजूदगी के कारण आने वाले 24 से 48 घंटों में रात के तापमान में और भी इजाफा होने की उम्मीद है।

कृषि और स्वास्थ्य पर असर

​समय से पहले बढ़ती गर्मी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है, खासकर गेहूं की फसल को लेकर। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तापमान इसी तरह बढ़ता रहा, तो फसल पकने से पहले सूख सकती है। वहीं, मौसम में आए इस अचानक बदलाव (कभी धूप, कभी बारिश) के कारण वायरल बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि इस बदलते मौसम में खान-पान का विशेष ध्यान रखें।

आगामी दिनों का पूर्वानुमान

​वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, यह विक्षोभ अल्पकालिक है। इसके गुजर जाने के बाद एक बार फिर आसमान साफ होगा और चिलचिलाती धूप निकलेगी। फरवरी के अंत तक उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में पारा 33 से 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के संकेत मिल रहे हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि इस साल गर्मी अपने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ सकती है।

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