UP Board Exam 2026: यूपी बोर्ड की परीक्षाओं का शंखनाद, फूल बरसाकर हुआ छात्रों का स्वागत; 53 लाख परीक्षार्थी देंगे एग्जाम
लखनऊ: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) की वर्ष 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं आज, 18 फरवरी से आधिकारिक रूप से शुरू हो गई हैं। प्रदेश भर के हजारों केंद्रों पर सुबह से ही परीक्षार्थियों का तांता लगा हुआ है। इस बार परीक्षा के पहले दिन केंद्रों पर एक अनूठा और सकारात्मक माहौल देखने को मिला, जहाँ तनाव कम करने के लिए छात्रों का भव्य स्वागत किया गया।
फूलों के साथ स्वागत: तनावमुक्त परीक्षा की पहल
राजधानी लखनऊ के काली चरण इंटर कॉलेज सहित प्रदेश के कई परीक्षा केंद्रों पर आज सुबह एक भावुक और प्रेरक दृश्य देखने को मिला। परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने वाले छात्र-छात्राओं का शिक्षकों और प्रबंधन द्वारा पुष्पवर्षा (फूलों की बारिश) कर स्वागत किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों के मन से परीक्षा के डर (Exam Phobia) को निकालना और उन्हें सकारात्मक ऊर्जा के साथ पेपर लिखने के लिए प्रेरित करना था।
छात्रों को तिलक लगाकर और फूल भेंट कर केंद्र के अंदर प्रवेश दिया गया। इसके बाद सघन चेकिंग की गई ताकि शुचिता बनी रहे।
आंकड़ों में यूपी बोर्ड परीक्षा 2026
इस साल यूपी बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों की संख्या विशाल है, जो इसे दुनिया की सबसे बड़ी परीक्षाओं में से एक बनाती है:
- कुल पंजीकृत परीक्षार्थी: 53,37,778
- हाईस्कूल (10वीं) के छात्र: 27,61,696
- इंटरमीडिएट (12वीं) के छात्र: 25,76,082
- कुल परीक्षा केंद्र: 8,033
- राजकीय विद्यालय केंद्र: 596
- सहायता प्राप्त विद्यालय: 3,453
- स्ववित्त पोषित विद्यालय: 3,984
नकलविहीन परीक्षा के लिए सख्त पहरा
योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत परीक्षाओं को पूरी तरह से नकलविहीन बनाने के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं। माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने लखनऊ में राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम का उद्घाटन किया, जहाँ से हर केंद्र की लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है।
- संवेदनशील जिले: प्रदेश के 18 जनपदों को संवेदनशील घोषित किया गया है।
- केंद्रों की निगरानी: 222 केंद्रों को अति संवेदनशील और 683 को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है।
- STF की तैनाती: नकल माफियाओं पर लगाम कसने के लिए एसटीएफ (STF) और स्थानीय खुफिया इकाई (LIU) को सक्रिय रखा गया है। अति संवेदनशील केंद्रों का दिन में दो बार औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
परीक्षार्थियों के लिए महत्वपूर्ण गाइडलाइन्स
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्र पर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। छात्रों के लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना अनिवार्य है:
- अनिवार्य दस्तावेज: परीक्षार्थियों को अपने साथ प्रवेश पत्र (Admit Card) और आधार कार्ड ले जाना अनिवार्य है।
- वर्जित वस्तुएं: किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, कैलकुलेटर, स्मार्ट वॉच या मोबाइल फोन पर पूर्ण प्रतिबंध है।
- समय का ध्यान: प्रथम पाली की परीक्षा सुबह 8:30 बजे से शुरू हो रही है, जिसके लिए छात्रों को सुबह 7:15 बजे ही केंद्रों पर पहुंचने की सलाह दी गई थी।
तकनीक का इस्तेमाल
इस वर्ष की परीक्षा पूरी तरह से तकनीक आधारित है। प्रत्येक परीक्षा कक्ष में वॉइस रिकॉर्डर युक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। कंट्रोल रूम के जरिए सीधे मुख्यालय से किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप, मेधावी छात्रों को उचित माहौल मिले और मेधा के साथ कोई खिलवाड़ न हो, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।
निष्कर्ष:
यूपी बोर्ड की यह परीक्षा न केवल छात्रों के भविष्य का फैसला करेगी, बल्कि शासन-प्रशासन के लिए भी एक बड़ी परीक्षा है। पहले दिन छात्रों के चेहरों पर फूलों के स्वागत से आई मुस्कान ने एक अच्छी शुरुआत का संकेत दिया है।