लखनऊ

​UP: योगी सरकार का होली गिफ्ट; समय से पहले आएगी सैलरी, 3 मार्च को भी छुट्टी का एलान

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए होली का त्योहार इस बार खुशियों की सौगात लेकर आया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के लाखों कर्मचारियों, संविदाकर्मियों और आउटसोर्सिंग स्टाफ के हितों में एक बड़ा फैसला लेते हुए निर्देश दिया है कि सभी का वेतन होली से पहले सुनिश्चित किया जाए।

​मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि त्योहार के समय धन की कमी के कारण किसी भी कर्मचारी की होली फीकी नहीं पड़नी चाहिए।

वेतन भुगतान में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

​मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई बैठक में कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नियमित कर्मचारियों के साथ-साथ आउटसोर्सिंग, संविदाकर्मी और विशेष रूप से सफाईकर्मियों के वेतन का भुगतान होली से पहले हर हाल में कर दिया जाए। सीएम ने चेतावनी दी कि वेतन वितरण की प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर होने वाली लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

होली 2026: बदल गया छुट्टियों का गणित

​सरकार ने कर्मचारियों को त्योहार मनाने के लिए पर्याप्त समय देते हुए छुट्टियों की सूची में भी बदलाव किया है।

  • 3 मार्च: अब 3 मार्च को भी होली का आधिकारिक अवकाश घोषित किया गया है।
  • कार्यदिवस: छुट्टियों के संतुलन को देखते हुए 28 फरवरी (शनिवार) को कार्यदिवस (Working Day) घोषित किया गया है।
  • होली अवकाश की अवधि: अब प्रदेश में 2, 3 और 4 मार्च को होली का सार्वजनिक अवकाश रहेगा, जिससे कर्मचारियों को लंबा सप्ताहांत (Long Weekend) मिल सकेगा।

संपत्ति का ब्योरा न देने वालों पर लटकी तलवार

​जहाँ एक तरफ सरकार वेतन पहले दे रही है, वहीं अनुशासन को लेकर भी सख्ती दिखाई गई है। मुख्य सचिव एसपी गोयल द्वारा जारी शासनादेश के मुताबिक, जिन राज्यकर्मियों ने अभी तक अपनी चल-अचल संपत्ति का विवरण (Property Return) पोर्टल पर अपलोड नहीं किया है, उन्हें कड़ी शर्तों का सामना करना होगा।

महत्वपूर्ण जानकारी:

  1. अंतिम अवसर: सरकार ने 26 फरवरी से 10 मार्च 2026 तक संपत्ति का ब्योरा देने का एक और मौका दिया है।
  2. वेतन पर रोक: 31 जनवरी तक ब्योरा न देने वाले 47,816 कर्मचारियों का जनवरी का वेतन रोक दिया गया है। 10 मार्च तक ब्योरा देने पर ही यह वेतन जारी होगा।
  3. विभागीय कार्रवाई: ब्योरा न देने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
  4. अन्य पाबंदियां: ऐसे कर्मचारियों को वर्तमान वर्ष में न तो पदोन्नति (Promotion) मिलेगी और न ही एसीपी (ACP) का लाभ दिया जाएगा। साथ ही, उन्हें विदेश यात्रा या प्रतिनियुक्ति के लिए विजिलेंस क्लीयरेंस भी नहीं मिलेगी।

निष्कर्ष

​योगी सरकार का यह कदम पारदर्शिता और कर्मचारी कल्याण के बीच संतुलन बनाने की कोशिश है। एक ओर जहाँ त्योहार से पहले वेतन देना स्वागत योग्य है, वहीं भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए संपत्ति का ब्योरा मांगना प्रशासनिक सुधार की दिशा में बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।

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