कानपुर: रंजिश में खूनी खेल, अपहरण के बाद युवक की पीट-पीटकर हत्या
कानपुर/उन्नाव: उत्तर प्रदेश के कानपुर और उन्नाव जिले के सीमावर्ती इलाकों में दबंगई और हिंसा की एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। शुक्लागंज के बसधना गांव में रविवार रात रंजिश के चलते दबंगों ने तीन युवकों का अपहरण कर लिया। इनमें से दो युवक तो जान बचाकर भागने में सफल रहे, लेकिन तीसरे युवक मनोकांत शुक्ला (48) की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।
शराब पार्टी के दौरान शुरू हुआ विवाद
घटना की शुरुआत रविवार रात गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के बसधना गांव से हुई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव का ही रहने वाला दबंग विपिन अपने पड़ोसियों मनोकांत शुक्ला, महेंद्र और रामजी को शराब पार्टी के बहाने अपने पास बुलाया था। बताया जा रहा है कि पार्टी के दौरान ही पुरानी रंजिश को लेकर गाली-गलौज शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि विपिन और उसके साथियों ने तीनों युवकों की पिटाई शुरू कर दी।
हवाई फायरिंग और आगजनी से फैला खौफ
आरोप है कि नशे की हालत में विपिन ने दहशत फैलाने के लिए करीब छह राउंड हवाई फायरिंग की। इतना ही नहीं, दबंगों ने गांव के शिवबोध नामक व्यक्ति के पान के खोखे में भी आग लगा दी, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। इसके बाद आरोपी तीनों घायलों को जबरन अपनी गाड़ी में लादकर उन्नाव शहर स्थित अपने दूसरे घर ले गए।
दो ने भागकर बचाई जान, एक की मौत
अपहरणकर्ताओं के चंगुल से महेंद्र और रामजी रविवार देर रात किसी तरह भाग निकले। सोमवार दोपहर उन्होंने पुलिस को आपबीती सुनाई, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। हालांकि, मनोकांत शुक्ला दबंगों की गिरफ्त से नहीं निकल सके। सोमवार सुबह उन्नाव के माखी थाना क्षेत्र स्थित सिंधुपुर मार्ग पर पुलिस को एक अज्ञात शव मिला, जिसकी शिनाख्त रात में परिजनों ने मनोकांत के रूप में की।
पुलिस की कार्रवाई और परिजनों का आक्रोश
मृतक के भाई कमलाकांत का आरोप है कि मनोकांत की हत्या पीट-पीटकर की गई है और साक्ष्य मिटाने के लिए शव को सड़क किनारे फेंक दिया गया। मृतक की पत्नी सुमन की तहरीर पर पुलिस ने मुख्य आरोपी विपिन और उसके साथी छोटू सनकी उर्फ शिवम के खिलाफ अपहरण और मारपीट की रिपोर्ट दर्ज की है।
पुलिस का पक्ष:
गंगाघाट कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार सिंह के अनुसार, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद हत्या की धाराएं जोड़ी जाएंगी। फिलहाल फायरिंग की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए एसओजी (SOG) समेत पुलिस की तीन टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं।
गांव में तनाव का माहौल
इस घटना के बाद बसधना गांव में तनाव व्याप्त है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों में पुलिस के प्रति आक्रोश है कि दबंगों के हौसले इतने बुलंद कैसे हो गए कि उन्होंने सरेआम अपहरण और आगजनी जैसी वारदात को अंजाम दिया।