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Hardoi: शंकराचार्य बोले- अमेरिका के सामने जी हुजूर की हैसियत में आ गया भारत

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने एपिस्टीन फाइल का जिक्र किया। साथ ही कहा कि भाजपा के सनातन में सत्ता और सुख, वास्तविक सनातन में स्वर्ग-नरक है।विस्तार

गो प्रतिष्ठार्थ-धर्म युद्ध शंखनाद यात्रा लेकर जिले में आए शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने विभिन्न मुद्दों पर तीखे बयान दिए। उन्होंने अमेरिका के साथ भारत के संबंधों, संन्यासियों पर पुलिसिया कार्रवाई और राजनीतिक गुरुओं पर भी तीखे सवाल उठाए। माधौगंज में पत्रकारों से बातचीत में शंकराचार्य से कहा कि अमेरिका के सामने भारत जी हुजूर और जी मालिक की मुद्रा में आ गया है। इसमें भारत की कुछ अपनी कमियां हैं। एपिस्टीन फाइल खुली हुई है। माघ मेले में हुई पुलिस कार्रवाई पर उन्होंने कहा कि ऐसा तो हिरण्यकश्यप के राज्य में होता था। सवाल भी किया कि क्या हिरण्यकश्यप राज आ गया है।

माधौगंज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि भारत अमेरिका के सामने जी हुजूर, जी मालिक की हैसियत में आ गया है। कहा कि यह सर्वविदित है और इसे सार्वजनिक रूप से कहने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने एपिस्टीन फाइल का जिक्र करते हुए इशारा किया कि इस मामले से जुड़े कई रहस्य सार्वजनिक हैं। उन्होंने कहा कि बटेंगे तो कटेंगे जैसे नारे तो खूब लगाए जाते हैं, लेकिन जब कानून बनाने का समय आता है तो जातियों को आपस में लड़ाने वाले कानून लाए जाते हैं। उन्होंने इसे कालनेमि (धोखेबाज) का आचरण बताया। उनका इशारा यूजीसी की तरफ था। सनातन धर्म और भाजपा के सनातन में अंतर पर उन्होंने हाथी के दो दांतों का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा का सनातन दिखाने का दांत है, जबकि उनका सनातन खाने का दांत है। उनके अनुसार, उनके सनातन धर्म से पुण्य-पाप और स्वर्ग-नरक की प्राप्ति होती है, जबकि भाजपा के सनातन से केवल सत्ता और सुख मिलता है।स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बताया कि 11 मार्च को लखनऊ में उनकी 40 दिवसीय यात्रा का समापन होगा, जिसके बाद वे धर्मयुद्ध की घोषणा करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई शारीरिक युद्ध नहीं, बल्कि एक वैचारिक युद्ध होगा, जिसमें विचारों और तर्कों के बाण चलेंगे। उन्होंने कहा कि जनता यह तय करेगी कि कौन असली हिंदू है और कौन नकली। हरदोई पहुंचने पर शंकराचार्य का स्वागत उन्नाव जनपद की सीमा पर कांग्रेस के प्रदेश महासचिव सुभाष पाल, जिलाध्यक्ष विक्रम पांडेय, सपा नेता ब्रजेश वर्मा आदि ने किया। शंकराचार्य बघौली के एक आश्रम में भी गए और फिर बेनीगंज के रास्ते नैमिषारण्य चले गए।

पुलिसिया कार्रवाई पर हिरण्यकश्यप राज से तुलना
माघ मेले के दौरान संन्यासियों पर पुलिस कार्रवाई की तुलना हिरण्यकश्यप के राज से की। कहा कि ऐसा व्यवहार तो उस क्रूर शासक के समय में भी नहीं होता था। उन्होंने भगवतपुराण के सातवें स्कंध का उल्लेख करते हुए बताया कि कैसे हिरण्यकश्यप ने विष्णु को खोजने के लिए ब्राह्मणों और गायों पर अत्याचार करने का आदेश दिया था। उन्होंने उत्तर प्रदेश में गायों और ब्राह्मणों पर हो रहे कथित प्रहार पर चिंता व्यक्त की और इसे भगवान विष्णु के सगुण स्वरुपों पर आघात बताया।

किसी की मां पर टिप्पणी करने की हिम्मत नहीं करनी चाहिए
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां पर की गई टिप्पणी को लेकर शंकराचार्य ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्मगुरु को किसी की मां पर टिप्पणी करने की हिम्मत नहीं करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि योगी आदित्यनाथ की मां उनकी भी मां हैं। उन्होंने मौलानाओं को ऐसे बयानों पर लगाम लगाने की सलाह दी और कहा कि इससे उनके मजहब की भी गरिमा कम होती है।

आशुतोष ब्रह्मचारी को जानता तक नहीं, कोई बना रहा मोहरा
आशुतोष ब्रह्मचारी के आरोपों पर उन्होंने कहा कि आशुतोष को सुरक्षा दिलानी चाहिए। उन्होंने कहा कि वे आशुतोष ब्रह्मचारी को जानते भी नहीं हैं, फिर भी उन पर लगातार लांछन लगाए जा रहे हैं। उन्होंने इशारा किया कि शायद कोई उन्हें मोहरा बना रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उन्हें कुछ हुआ तो उत्तर प्रदेश सरकार जिम्मेदार होगी। उन्होंने कहा कि गौ माता की रक्षा की आवाज को दबाने के लिए ऐसे प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन वे भयभीत नहीं होंगे।

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