झांसी: बेटे की शादी की होर्डिंग हटाने पर भड़के पार्षद, नगर निगम में 5 घंटे चला हाईवोल्टेज ड्रामा
झांसी: उत्तर प्रदेश के झांसी नगर निगम में मंगलवार को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब एक पार्षद के बेटे की शादी के स्वागत में लगाए गए होर्डिंग और पैनल हटाने को लेकर दर्जनों पार्षद लामबंद हो गए। नगर निगम प्रशासन की इस कार्रवाई से नाराज पार्षदों ने न केवल काम रोका, बल्कि मुख्य द्वार पर धरने पर बैठकर जमकर नारेबाजी की। करीब साढ़े पांच घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के बाद स्थानीय विधायक के हस्तक्षेप और आश्वासन पर मामला शांत हुआ।
विवाद की मुख्य जड़: होर्डिंग पर चली नगर निगम की कैंची
मिली जानकारी के अनुसार, नगर निगम की एक टीम मंगलवार सुबह शहर के विभिन्न हिस्सों में अवैध होर्डिंग, डिवाइडर पर लगे पैनल और अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चला रही थी। इसी अभियान के दौरान टीम ने पार्षद नीता यादव के बेटे की शादी के उपलक्ष्य में शहर में लगाए गए स्वागत पैनल और होर्डिंग को भी हटा दिया।
जैसे ही यह खबर पार्षदों तक पहुंची, आक्रोश फैल गया। पार्षदों का तर्क था कि निगम प्रशासन केवल चुनिंदा लोगों और जनप्रतिनिधियों को निशाना बना रहा है। शाम करीब 4:30 बजे बड़ी संख्या में पार्षद नगर निगम परिसर में एकत्र हुए और धरने पर बैठ गए।
सिर्फ होर्डिंग नहीं, विकास कार्यों पर भी बरसे पार्षद
धरने पर बैठे पार्षदों का गुस्सा सिर्फ होर्डिंग हटाने तक सीमित नहीं था। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पार्षद दिनेश प्रताप सिंह ने नगर निगम प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शहर के वार्डों में विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं।
पार्षदों ने मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दे उठाए:
- प्रस्तावों की अनदेखी: सदन में बहुमत से पारित होने वाले प्रस्तावों को निगम प्रशासन लागू नहीं कर रहा है।
- सड़कों की बदहाली: नगर निगम द्वारा बनाई गई नई सड़कों को सीयूजीएल (CUGL) और जल निगम द्वारा पाइपलाइन डालने के नाम पर खोद दिया गया है। इन सड़कों की मरम्मत न होने से जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
- सौतेला व्यवहार: पार्षदों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों और पार्षदों के बीच समन्वय की कमी है और जनता की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है।
विधायक के आश्वासन पर खत्म हुआ धरना
नगर निगम के मुख्य गेट पर धरने के कारण निगम का कामकाज प्रभावित रहा। स्थिति को बिगड़ता देख प्रशासन ने आला अधिकारियों को सूचित किया। देर शाम सदर विधायक मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारी पार्षदों से वार्ता की। उन्होंने पार्षदों की जायज मांगों पर विचार करने और विकास कार्यों में आ रही बाधाओं को दूर करने का आश्वासन दिया। विधायक के भरोसे के बाद रात करीब 10 बजे पार्षदों ने अपना धरना समाप्त किया।