Lakhimpur Kheri News: शहर में आपातकालीन सेवाएं ठप, 15 किमी दूर साढ़े चार लाख लोग
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Updated Fri, 06 Mar 2026 11:53 PM IST

लखीमपुर/ओयल। शहर की करीब साढ़े चार लाख आबादी इस समय आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधा के अभाव से जूझ रही है। वर्ष 2022 में जिला अस्पताल को शहर से करीब 15 किलोमीटर दूर ओयल में स्थानांतरित किए जाने के बाद से यह व्यवस्था लगभग खत्म हो गई है।
दूसरी ओर मेडिकल कॉलेज का निर्माण शुरू होने के बावजूद चार साल बाद भी उसे चालू नहीं किया जा सका है। ऐसे में दुर्घटना, हार्ट अटैक या अन्य गंभीर स्थिति में मरीजों को तत्काल इलाज के लिए 15 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल ले जाना मजबूरी बन गया है।शहर के लोगों का कहना है कि आपात स्थिति में एंबुलेंस या निजी वाहन से जिला अस्पताल पहुंचने में 20 से 25 मिनट लग जाते हैं। कई मामलों में यह देरी मरीज की जान के लिए खतरा बन सकती है।स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिला अस्पताल की इमरजेंसी में प्रतिमाह 250 से 300 गंभीर मरीज पहुंचते हैं, जिनमें से करीब 100 से 120 मरीजों को लखनऊ रेफर करना पड़ता है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी भी बड़ी समस्या बनी हुई है। जिले में अब तक कार्डियोलॉजिस्ट और न्यूरोलॉजिस्ट जैसे विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध नहीं हैं।
—सीटी स्कैन मशीन न होने से निजी पर निर्भरता—
जिला अस्पताल में पहले सीटी स्कैन की निशुल्क सुविधा थी, लेकिन तीन साल पहले कंपनी का अनुबंध समाप्त होने के बाद मशीन हटा ली गई। नई मशीन अब तक नहीं लग सकी है। इससे मरीजों को निजी केंद्रों पर तीन से सात हजार रुपये खर्च कर जांच करानी पड़ रही है। वहीं, जिला अस्पताल के स्थानांतरण के बाद शहर में इमरजेंसी सेवा जारी रखने की मांग उठी थी। पुराने जिला अस्पताल भवन में कुछ समय के लिए डॉक्टर और स्टाफ की तैनाती भी की गई, लेकिन मरीजों की संख्या कम बताकर यह व्यवस्था बंद कर दी गई।
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पहले शाम को दो घंटे के लिए इमरजेंसी सेवा शहर में शुरू की गई थी, लेकिन वहां मरीज कम ही आते थे। इस कारण सेवा को बंद कर दिया गया। हालांकि, अब शहर में आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हैं, जहां मरीजों को सेवाएं दी जा रही हैं।
-डॉ. संतोष गुप्ता, सीएमओ
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मेडिकल कॉलेज बनने की वजह से शहर के जिला अस्पताल को ओयल भेजा गया था, इसलिए यहां इमरजेंसी सेवाएं नहीं हैं। शासन को लिखा गया है कि शहर में जल्द इमरजेंसी सेवाओं की व्यवस्था की जाए, जिससे लोगों को 15 किलोमीटर दूर न जाना पड़े।
-योगेश वर्मा, सदर विधायक
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मेडिकल कॉलेज अस्पताल शुरू कराने के लिए विद्युत निगम को बजट जारी कर दिया गया है। कार्य पूरा होते ही अस्पताल का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
-डॉ. वाणी गुप्ता, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
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शहर की स्थिति
नगर पालिका क्षेत्र की आबादी : 4.5 लाख
जिला अस्पताल की दूरी : 15 किमी
अस्पताल पहुंचने में समय : 20–25 मिनट
—गंभीर मरीजों का आंकड़ा—
जिला अस्पताल पहुंचने वाले गंभीर मरीज : 250-300 प्रतिमाह
लखनऊ रेफर मरीज : 100-120 प्रतिमाह
–जिले में एंबुलेंस—
102 एंबुलेंस : 46
108 एंबुलेंस : 44
एएलएस एंबुलेंस : 06