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Balrampur News: मनरेगा से नए कार्यों पर रोक, जीरामजी से बदलेगी रोजगार की तस्वीर

लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 25 Feb 2026 10:45 PM IST

Ban on new works under MGNREGA, employment scenario to change with Jiramji

बलरामपुर। मनरेगा के तहत नए कार्यों की स्वीकृति पर रोक लगा दी गई है। विभाग आगामी वित्तीय वर्ष से 793 ग्राम पंचायतों में जीरामजी योजना लागू करने की तैयारी में है। इसके लिए बजट तैयार किया जा रहा है। करीब 200 करोड़ का बजट जिले की पंचायतों के लिए खर्च होने का अनुमान है। 31 मार्च तक मनरेगा के तहत चल रहे सभी शेष कार्य पूरे करा लिए जाएंगे। इसके बाद नए कार्य केवल जीरामजी के तहत ही शुरू होंगे।

जिले में 1,45,496 पंजीकृत श्रमिक हैं। नई व्यवस्था में श्रमिकों की उपस्थिति पूरी तरह ऑनलाइन दर्ज की जाएगी। इसके लिए ई केवाईसी को अनिवार्य किया गया है। अब तक 80.53 प्रतिशत श्रमिकों का ई केवाईसी पूरी कराई जा चुकी है। शेष श्रमिकों का सत्यापन कार्य तेजी से जारी है। योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर बैठकें आयोजित की जा रही हैं। हर शुक्रवार को गांवों में चौपाल लगाकर श्रमिकों को नई व्यवस्था की जानकारी दी जा रही है। ब्लॉक स्तर पर भी प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, ताकि योजना के क्रियान्वयन में कोई दिक्कत न आए।

इन कार्यों पर रहेगा फोकस

जीरामजी के तहत जल संरक्षण और सिंचाई से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। खेत तालाब, चेकडैम, मेड़बंदी और वर्षा जल संचयन संरचनाएं बनाई जाएंगी। कृषि व भूमि सुधार के अंतर्गत परती जमीन का सुधार, चारागाह विकास, बागवानी और पौधरोपण को बढ़ावा मिलेगा। ग्रामीण आधारभूत ढांचे में कच्ची सड़कों, नाली-जल निकासी, पंचायत भवन और सामुदायिक शेड निर्माण शामिल रहेगा। इसके अलावा स्वयं सहायता समूहों को पशुपालन, मुर्गीपालन और लघु उद्योगों से जोड़ने की भी योजना है। पर्यावरण संरक्षण के तहत पौधरोपण, तालाब पुनर्जीवन और हरित पट्टी निर्माण पर विशेष जोर दिया जाएगा।

महिलाओं को मिलेगा विशेष लाभ

नई व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा। वर्ष 2027 में नारी वंदन विधेयक लागू होना है, जिसमें महिलाओं को समाज को पूरा हक देने का भरोसा दिया है। इसे ध्यान में रखकर नई योजना का खाका खींचा जा रहा है। इस योजना से भी श्रमिक परिवार की महिला सदस्य को जॉब कार्ड में शामिल कर रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। करीब 30 हजार महिलाओं को रोजगार देने की तैयारी है। मजदूरी सीधे उनके बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी, जिससे आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। स्वयं सहायता समूहों को छोटे निर्माण कार्य, पौधरोपण और पोषण वाटिका से जोड़ने की तैयारी है। कार्यस्थल पर पेयजल, शौचालय और छोटे बच्चों की देखभाल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का भी दावा किया गया है।
31 मार्च तक पूरे होंगे मनरेगा के सभी काम

31 मार्च तक मनरेगा के शेष कार्य पूरे करा लिए जाएंगे। नए वित्तीय वर्ष से जीरामजी के तहत ही कार्य स्वीकृत होंगे। 80 प्रतिशत से अधिक श्रमिकों की ई केवाईसी हो चुकी है और शेष प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर ली जाएगी। योजना को पारदर्शी और प्रभावी ढंग से लागू करने की तैयारी की जा रही है।

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