झांसी: ट्रक से 524 गैस सिलिंडर चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, गैस एजेंसी संचालक सहित 7 गिरफ्तार
झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी जिले की पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के करारी स्थित भारत पेट्रोलियम प्लांट से चोरी हुए गैस सिलिंडर से भरे ट्रक के मामले का सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में मास्टरमाइंड और एक गैस एजेंसी संचालक समेत कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से भारी मात्रा में नगदी, अवैध असलहे और चोरी किए गए सभी 524 सिलिंडर बरामद कर लिए गए हैं।
क्या था मामला?
झांसी के न्यू रायगंज निवासी नीरज कुमार अग्रवाल का ट्रक भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (करारी) से संबद्ध था। होली के अवकाश के कारण 2 मार्च को चालक ने 524 भरे हुए सिलिंडर से लदे ट्रक को प्लांट के बाहर खड़ा कर दिया था। इन सिलिंडरों को कानपुर देहात के गजनेर भेजा जाना था। लेकिन 5 और 6 मार्च की दरम्यानी रात बदमाशों ने ट्रक पार कर दिया। अगले दिन ट्रक तो पारीछा के पास एक ढाबे के पास खाली मिला, लेकिन उसमें रखे सभी सिलिंडर गायब थे।
पुलिस मुठभेड़ और गिरफ्तारी
एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की तीन टीमें गठित की थीं। 10 मार्च की रात मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने ग्वालियर रोड स्थित गैस गोदाम के पास घेराबंदी की। इस दौरान हुई मुठभेड़ के बाद पुलिस ने चार मुख्य आरोपियों—जावेद, आमिर, रितिक और सुमित अहिरवार को गिरफ्तार किया। इनके पास से एक तमंचा, कारतूस और वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद हुई।
इन आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने समथर स्थित एक गैस एजेंसी पर छापेमारी की, जहाँ से एजेंसी संचालक शुभांकर परिहार, अभिषेक कुशवाहा और सुरेंद्र को दबोचा गया।
70 हजार के बकाया के लिए रची करोड़ों की साजिश
पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आरोपी रितिक और जावेद पहले पीड़ित नीरज अग्रवाल के ट्रक पर ही चालक के रूप में काम करते थे। उन्हें नौकरी से हटा दिया गया था। आरोपियों का दावा था कि मालिक पर उनका करीब 70 हजार रुपये बकाया था। बार-बार मांगने पर भी जब पैसे नहीं मिले, तो उन्होंने बदला लेने और पैसे कमाने के लिए ट्रक चोरी की साजिश रची। उन्होंने समथर की गैस एजेंसी के मुनीम से संपर्क कर 13 लाख रुपये में सिलिंडरों का सौदा तय कर लिया था।
बरामदगी का विवरण
पुलिस ने आरोपियों के पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
- सिलिंडर: कुल 524 (389 भरे हुए और 135 खाली)।
- नगदी: आरोपी जावेद के घर से 11.10 लाख रुपये और सिलिंडर बेचकर कमाए गए 83,820 रुपये।
- हथियार: एक तमंचा, दो जिंदा कारतूस और एक खोखा।
- वाहन: वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल।
एसएसपी का बयान
एसएसपी ने बताया कि आरोपियों ने बड़ी चालाकी से ट्रक को चोरी करने के बाद सिलिंडरों को खपाने के लिए एक वैध गैस एजेंसी का सहारा लिया था। एजेंसी संचालक ने जानते हुए भी चोरी का माल खरीदा, इसलिए उसे भी सह-आरोपी बनाया गया है। पुलिस टीम की इस तत्परता के लिए उनकी सराहना की जा रही है।