फतेहपुर ट्रिपल मर्डर या सुसाइड? कर्ज के जाल में उलझकर खत्म हो गया हंसता-खेलता परिवार
फतेहपुर। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। सदर कोतवाली क्षेत्र के लखनऊ बाईपास स्थित एक घर में मां, बेटे और चाचा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटनास्थल की स्थिति और मिले सुसाइड नोट ने पुलिस प्रशासन के सामने कई अनसुलझे सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है पूरी घटना?
लखनऊ बाईपास रोड पर चौफेरवा के पास एक कमरे में अमर श्रीवास्तव, उनकी मां और चाचा सुनील शुक्ला के शव मिले। पुलिस जब मौके पर पहुँची, तो दृश्य अत्यंत भावुक करने वाला था। अमर का सिर उसकी मां की गोद में था, जिसे देखकर लग रहा था कि अंतिम समय में बेटा अपनी मां के आंचल में लिपटकर रोया होगा। कमरे में चाय के जूठे गिलास और खून के निशान बिखरे पड़े थे।
50 लाख का कर्ज और छिपकर रहने की मजबूरी
जांच में सामने आया है कि अमर श्रीवास्तव पर करीब 50 लाख रुपये का कर्ज था। कभी अखबार की एजेंसी चलाने वाले अमर ने व्यापार के लिए कई लोगों से मोटी रकम उधार ली थी। कर्ज चुकाने के चक्कर में उनका पुश्तैनी मकान भी बिक गया था, लेकिन देनदारियां खत्म नहीं हो रही थीं। कर्जदारों के डर से परिवार काफी समय तक छिपकर रहा और हाल ही में इस नए मकान में शिफ्ट हुआ था।
सुसाइड नोट में तीन लोगों के नाम
पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। इस पत्र में अमर ने अपनी बदहाल आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए तीन लोगों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। अमर ने लिखा है कि कर्जदारों के मानसिक उत्पीड़न और दबाव के कारण उनके पास जान देने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था।
हत्या या आत्महत्या: उलझी गुत्थी
पुलिस दो मुख्य पहलुओं पर जांच कर रही है:
- सामूहिक आत्महत्या: क्या तीनों ने पहले सल्फास (जहर) खाया और फिर तड़प के कारण खुद पर ब्लेड से वार किए? कमरे में ब्लेड के पैकेट और सल्फास के कयास लगाए जा रहे हैं।
- खूनी संघर्ष: घटनास्थल पर बिखरे खून और देवर (चाचा) के कुछ दूरी पर घायल मिलने से हत्या की आशंका भी जताई जा रही है। अमर के बहनोई ने इसे हत्या करार देते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पुलिस की कार्रवाई
एसएसपी और फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटा लिए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे स्पष्ट हो सके कि मौत का असली कारण क्या था। सुसाइड नोट में नामित तीन लोगों की तलाश के लिए SOG और इंटेलिजेंस विंग की टीमें लगा दी गई हैं। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की जा रही है।