आगरा

UP: सेवानिवृत्त बाबू की ‘शाही’ ठाठ-बाट, विजिलेंस के छापे में मिली करोड़ों की संपत्ति; आय से 200% अधिक खर्च

आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। आगरा विकास प्राधिकरण (ADA) के एक सेवानिवृत्त लिपिक (Clerk) के घर जब विजिलेंस की टीम पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारियों की आंखें फटी रह गईं। एक साधारण सरकारी बाबू के पास विलासिता का ऐसा सामान और इतनी अचल संपत्ति मिली, जिसकी कल्पना करना भी मुश्किल है। जांच में सामने आया है कि कर्मचारी ने अपनी वैध आय से लगभग 200 प्रतिशत से अधिक धन खर्च किया है।

विजिलेंस की रेड और करोड़ों का खुलासा

​विजिलेंस आगरा सेक्टर की टीम ने शुक्रवार को आगरा विकास प्राधिकरण के रिटायर्ड लिपिक हरिओम शर्मा के रानी बाग, इंद्रापुरम स्थित आवास पर छापेमारी की। एसपी विजिलेंस आलोक शर्मा के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के दौरान घर की तलाशी में विलासिता की वस्तुएं और निवेश के भारी-भरकम दस्तावेज बरामद हुए।

​विजिलेंस विभाग के अनुसार, हरिओम शर्मा के खिलाफ जून 2022 में खुली जांच शुरू की गई थी। लंबी जांच के बाद फरवरी 2025 में शासन को रिपोर्ट भेजी गई, जिसमें भ्रष्टाचार की पुष्टि होने के बाद अब FIR दर्ज कर यह छापेमारी की गई है।

गणित देख अधिकारी हैरान: 78 लाख की कमाई, 2.70 करोड़ का खर्च

​जांच रिपोर्ट में जो आंकड़े सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। निर्धारित जांच अवधि के दौरान:

  • कुल वैध आय: ₹78,83,292 (लगभग 78.83 लाख रुपये)
  • कुल व्यय (खर्च): ₹2,70,25,544 (लगभग 2.70 करोड़ रुपये)
  • आय से अधिक संपत्ति: ₹1,91,42,249 (लगभग 1.91 करोड़ रुपये)

​हैरानी की बात यह है कि आरोपी बाबू अपनी आय के मुकाबले 1.91 करोड़ रुपये ज्यादा खर्च कर चुका था। जब विजिलेंस ने इस अतिरिक्त आय के स्रोत के बारे में पूछा, तो सेवानिवृत्त कर्मचारी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।

घर में क्या-क्या मिला?

​छापेमारी के दौरान विजिलेंस टीम को आरोपी के घर से निम्नलिखित संपत्तियों का ब्योरा मिला:

  1. आलीशान मकान: रानी बाग में 130 वर्ग मीटर का मकान, जिसकी कीमत करीब 92.88 लाख रुपये आंकी गई है।
  2. प्लॉट: ताजगंज फेज-2 में 268 गज का एक कीमती प्लॉट।
  3. गहने: करीब 6.64 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात।
  4. विलासिता का सामान: घर में बड़ी एलईडी स्क्रीन, हाई-एंड सीडी प्लेयर, कई एसी और अन्य महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिले।
  5. बैंक खाते: पांच अलग-अलग बैंकों में खातों की जानकारी मिली है, जिनमें करोड़ों के लेन-देन के संकेत मिले हैं।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई

​विजिलेंस थाना आगरा सेक्टर के निरीक्षक सौदान सिंह ने 27 जून 2025 को आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई थी। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पद पर रहते हुए हरिओम शर्मा ने किन-किन माध्यमों से अवैध उगाही की और इस काली कमाई को और कहां-कहां निवेश किया है।

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