मुरादाबाद: बीडीएस छात्र हारिश अली मामले में नया खुलासा, एक हफ्ते पहले तीन युवकों से की थी गुप्त मुलाकात
मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से आतंकी संगठन आईएस (ISIS) के लिए ऑनलाइन भर्ती करने के आरोप में गिरफ्तार बीडीएस छात्र हारिश अली के मामले में हर दिन चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) और खुफिया एजेंसियों की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, हारिश के संपर्कों और उसकी गतिविधियों का जाल खुलता जा रहा है। ताजा खुलासे में यह बात सामने आई है कि गिरफ्तारी से ठीक एक सप्ताह पहले हारिश से मिलने तीन अज्ञात युवक आए थे।
कैंटीन में हुई थी एक घंटे की लंबी बातचीत
खुफिया एजेंसियों ने जब कॉलेज के अन्य छात्रों से पूछताछ की, तो पता चला कि करीब सात दिन पहले तीन युवक हारिश से मिलने पहुंचे थे। हारिश ने इन युवकों के साथ कॉलेज परिसर के अंदर मिलने के बजाय बाहर कांठ रोड स्थित प्रेम नगर चौराहे के पास एक कैंटीन को चुना।
प्रत्यक्षदर्शी छात्रों के अनुसार, जब एक साथी छात्र ने हारिश के साथ चलने की इच्छा जताई, तो हारिश ने उसे सख्ती से मना कर दिया और कहा कि वह जल्द वापस आ जाएगा। हालांकि, वह करीब एक घंटे से ज्यादा समय तक उन संदिग्ध युवकों के साथ कैंटीन में बैठा रहा। पुलिस अब उन तीन युवकों की पहचान करने में जुटी है कि वे हारिश के रिश्तेदार थे या आतंकी नेटवर्क के सदस्य।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और आतंकी जुड़ाव
सहारनपुर के मानकमऊ निवासी हारिश अली का परिवार शिक्षित और प्रतिष्ठित माना जाता था। उसके पिता रियासत अली आईटीसी में टेक्नीशियन हैं, जबकि उसका बड़ा भाई डॉ. आकिफ लखनऊ में एमडी डॉक्टर है और बहन महाराष्ट्र से एमबीबीएस कर रही है।
दो साल पहले हारिश का दाखिला मुरादाबाद के एक निजी कॉलेज में बीडीएस पाठ्यक्रम में कराया गया था। वहां वह शामली के एक छात्र के साथ हॉस्टल में रहता था। जांच में पता चला है कि हारिश सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथी विचारधारा की ओर झुका और धीरे-धीरे आतंकी संगठन से जुड़ गया। उसने कथित तौर पर 50 से ज्यादा छात्रों का एक ग्रुप बना लिया था, जिन्हें वह कट्टरपंथ की ओर धकेल रहा था।
15 दिन से चल रही थी रेकी
एटीएस की टीम हारिश पर लंबे समय से नजर रख रही थी। जानकारी के अनुसार, 15 दिन पहले भी एक टीम उसकी तलाश में मुरादाबाद आई थी। टीम के सदस्यों ने मरीज और तीमारदार बनकर कॉलेज में रेकी की थी, लेकिन उस समय हारिश अपने घर सहारनपुर गया हुआ था, जिससे वह बच निकला। इसके बाद एटीएस ने पूरी तैयारी की और दोबारा दबिश देकर उसे धर दबोचा।
जांच के घेरे में अन्य आतंकी कनेक्शन
सुरक्षा एजेंसियां हारिश अली के संबंधों की जांच नवंबर 2025 में पकड़े गए संदिग्ध आतंकी डॉ. आदिल अहमद राथर से भी जोड़कर कर रही हैं। सहारनपुर में हारिश के घर पर फिलहाल ताला लटका है और उसका परिवार भूमिगत हो गया है। एलआईयू (LIU) और स्थानीय पुलिस परिवार की निगरानी कर रही है ताकि उनसे पूछताछ की जा सके।
| प्रमुख तथ्य | विवरण |
|---|---|
| नाम | हारिश अली (BDS छात्र) |
| आरोप | ISIS के लिए ऑनलाइन भर्ती और कट्टरपंथ फैलाना |
| गिरफ्तारी स्थल | मुरादाबाद (निजी मेडिकल कॉलेज) |
| निवासी | सहारनपुर, उत्तर प्रदेश |
| जांच एजेंसियां | ATS, STF, LIU और स्थानीय पुलिस |
निष्कर्ष
हारिश अली की गिरफ्तारी ने एक बार फिर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आतंकी स्लीपर सेल्स की सक्रियता पर चिंता बढ़ा दी है। एटीएस अब उन सभी 50 छात्रों की कुंडली खंगाल रही है जो हारिश के संपर्क में थे।