कानपुर

कानपुर में खाकी शर्मसार: पत्नी की शिकायत पर पति को इतना पीटा कि फट गया कान का पर्दा, चौकी प्रभारी सस्पेंड

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से पुलिस की बर्बरता का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ शास्त्रीनगर पुलिस चौकी में एक युवक की इस कदर पिटाई की गई कि उसका कान का पर्दा फट गया और पूरे शरीर पर गंभीर चोटों के निशान पड़ गए। इस मामले में संज्ञान लेते हुए डीसीपी सेंट्रल ने बड़ी कार्रवाई की है और चौकी प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

घरेलू कलह ने लिया बड़ा रूप

​यह पूरी घटना शास्त्रीनगर इलाके की है। जानकारी के अनुसार, यहाँ रहने वाली मधुबाला का बेटा अभिषेक सिंह एक निजी कंपनी में कार्यरत है। परिजनों का आरोप है कि अभिषेक की पत्नी शिवांगी अक्सर छोटी-छोटी बातों को लेकर घर में विवाद करती थी। विवाद की जड़ मंगलवार की सुबह तब गहरा गई जब अभिषेक अपनी डेढ़ साल की मासूम बेटी के साथ अपनी माँ के पास सो गया था।

​पत्नी ने इस बात पर आपत्ति जताई और घर में काफी हंगामा हुआ। इसके बाद अभिषेक अपनी ड्यूटी पर चला गया, लेकिन पीछे से पत्नी ने शास्त्रीनगर पुलिस चौकी में पति के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी।

चौकी बुलाकर बेरहमी से की पिटाई

​शाम को जब अभिषेक ड्यूटी से घर लौटा, तो उसे पुलिस चौकी बुलाया गया। अभिषेक की माँ मधुबाला का आरोप है कि जैसे ही उनका बेटा चौकी पहुँचा, वहाँ मौजूद चौकी प्रभारी पवन मिश्रा और उनके साथ अन्य दरोगाओं ने आव देखा न ताव और अभिषेक पर टूट पड़े।

​आरोप है कि दरोगा अरुण त्रिवेदी, राजू खरवार, जसवंत सिंह और सुमित सिंह चौहान ने मिलकर युवक को पट्टों और लात-घूसों से बुरी तरह पीटा। इतना ही नहीं, पुलिसकर्मियों ने उसे धमकी दी कि अगर दोबारा पत्नी की शिकायत आई तो उसे जेल में सड़ा दिया जाएगा।

कान का पर्दा फटा, शरीर पर नीले निशान

​देर रात जब अभिषेक घर नहीं पहुँचा तो उसकी माँ घबराकर पुलिस चौकी पहुँची। वहाँ उन्होंने देखा कि उनका बेटा दर्द से कराह रहा था और चलने की स्थिति में भी नहीं था। माँ के गिड़गिड़ाने और हाथ जोड़ने के बाद पुलिस ने उसे घर ले जाने दिया।

​घर पहुँचने पर जब अभिषेक के कपड़े हटाए गए, तो परिजनों के होश उड़ गए। उसके पीठ और पैरों पर पिटाई के गहरे नीले निशान थे। अभिषेक को सुनाई देना भी बंद हो गया था। जब उसे निजी अस्पताल ले जाया गया, तो डॉक्टरों ने जांच के बाद पुष्टि की कि पिटाई के कारण उसके कान का पर्दा फट चुका है।

डीसीपी की बड़ी कार्रवाई: चौकी इंचार्ज निलंबित

​पीड़ित परिवार ने इस अमानवीय कृत्य की शिकायत डीसीपी सेंट्रल अतुल श्रीवास्तव से की। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी ने एसीपी स्वरूपनगर को तत्काल जांच के आदेश दिए। एसीपी की प्राथमिक जांच में पुलिसकर्मियों पर लगे आरोप सही पाए गए।

​जांच रिपोर्ट के आधार पर डीसीपी सेंट्रल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चौकी प्रभारी पवन मिश्रा को निलंबित कर दिया है। डीसीपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस का काम सुरक्षा करना है, न कि किसी को कानून हाथ में लेकर बेरहमी से पीटना।

अन्य पुलिसकर्मियों पर भी गिर सकती है गाज

​इस मामले में केवल चौकी प्रभारी ही नहीं, बल्कि अन्य चार दरोगाओं के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस विभाग ने इन सभी के खिलाफ विभागीय जांच (Departmental Inquiry) शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाले अन्य पुलिसकर्मियों पर भी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

​इस घटना ने एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली और उनके व्यवहार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर काफी रोष है।

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