अयोध्या

अयोध्या राम मंदिर: परकोटा के मंदिरों पर ध्वजारोहण की तैयारी, रामनवमी मेले के लिए ट्रस्ट की खास एडवायजरी

अयोध्या में प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर का निर्माण कार्य न केवल पूर्णता की ओर है, बल्कि अब मंदिर की धार्मिक मर्यादाओं और अनुष्ठानों को भी विस्तार दिया जा रहा है। हाल ही में मणिराम दास छावनी में आयोजित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक में एक बड़ा निर्णय लिया गया है। मुख्य शिखर पर ध्वजारोहण के बाद, अब परकोटा (परिसर की बाहरी दीवार) में स्थित छह अन्य प्रमुख उप-मंदिरों के शिखरों पर भी ध्वजारोहण की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

ध्वजारोहण का कार्यक्रम और तिथियां

​ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के अनुसार, परकोटा के मंदिरों में ध्वजारोहण की प्रक्रिया 22 मार्च से 31 मार्च 2026 के बीच संपन्न की जाएगी। इन मंदिरों में शामिल हैं:

  1. ​भगवान सूर्य देव मंदिर
  2. ​माता भगवती मंदिर
  3. ​भगवान शिव मंदिर
  4. ​गणपति मंदिर
  5. ​शेषावतार (लक्ष्मण जी) मंदिर
  6. ​हनुमान जी मंदिर

​विशेष रूप से, हनुमान जी के मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण 2 अप्रैल 2026 (हनुमान जयंती/चैत्र पूर्णिमा) के पावन अवसर पर प्रस्तावित है। अन्य पांच मंदिरों पर ध्वजारोहण अलग-अलग तिथियों में सादगीपूर्ण तरीके से किया जाएगा। प्रत्येक आयोजन में लगभग 50 विशिष्ट अतिथि, संत, मंदिर निर्माण से जुड़े इंजीनियर और श्रमिक शामिल होंगे।

पूर्व में हुए ध्वजारोहण कार्यक्रम

​याद रहे कि मुख्य मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था। इसके बाद, 31 दिसंबर को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने माता अन्नपूर्णा मंदिर पर ध्वज फहराया था। अब शेष छह मंदिरों पर ध्वजा फहराने के साथ ही परकोटा का धार्मिक अनुष्ठान पूर्णता की ओर बढ़ेगा।

रामनवमी मेला 2026: श्रद्धालुओं के लिए ट्रस्ट की विशेष अपील

​रामनवमी के अवसर पर अयोध्या में उमड़ने वाली भारी भीड़ और बढ़ती गर्मी को देखते हुए ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को लेकर एक विस्तृत एडवायजरी जारी की है।

गर्मी और लू से बचाव के उपाय

​चूँकि मार्च के अंत और अप्रैल की शुरुआत में तापमान में बढ़ोत्तरी होने लगती है, इसलिए ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं को निम्नलिखित सुझाव दिए हैं:

  • सफेद गमछा: धूप से बचने के लिए सिर पर सफेद सूती गमछा जरूर रखें।
  • खान-पान: शरीर को ठंडा रखने के लिए नियमित रूप से सत्तू का सेवन करें। यह न केवल ऊर्जा देता है बल्कि लू से भी बचाता है।
  • परहेज: ट्रस्ट ने विशेष रूप से अपील की है कि श्रद्धालु तले-भुने खाद्य पदार्थों (जैसे समोसा, पकौड़ी) और आलू से बनी भारी चीजों से परहेज करें। गर्मी और भीड़ में ऐसे भोजन से स्वास्थ्य बिगड़ने का डर रहता है।

भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा

​निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र और ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था और दर्शन की सुगमता पर भी चर्चा की। श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया है कि वे धैर्य बनाए रखें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें ताकि सभी को सुलभ दर्शन प्राप्त हो सकें।

निष्कर्ष

​अयोध्या का राम मंदिर अब अपनी पूर्ण दिव्यता के साथ भक्तों का स्वागत कर रहा है। परकोटा के मंदिरों पर ध्वजारोहण न केवल वास्तुकला की पूर्णता का प्रतीक है, बल्कि यह सनातन परंपराओं के सम्मान का भी परिचायक है। यदि आप भी रामनवमी पर अयोध्या जाने की योजना बना रहे हैं, तो ट्रस्ट द्वारा जारी स्वास्थ्य संबंधी सुझावों का पालन अवश्य करें।

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