वाराणसी

​यूपी: 25 हजार का इनामी ‘देवता’ दो जिलों की सरहद पर सजा रहा था जुए का फड़, SOG के छापे से फरार; तलाश तेज

वाराणसी: उत्तर प्रदेश के चंदौली और वाराणसी जिलों की सीमा पर सक्रिय एक बड़े जुआ सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ है। 25 हजार का इनामी बदमाश सुनील यादव उर्फ ‘देवता’ पुलिस को चकमा देकर दोनों जिलों की सरहद का फायदा उठा रहा था, लेकिन चंदौली SOG (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) के छापे से वह अपने 14 सहयोगियों को छोड़कर फरार हो गया। इस कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है और ‘देवता’ की तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

​बॉर्डर का फायदा उठाता था ‘देवता’

​पड़ाव के सेमरा गांव स्थित एक मकान में जुए के फड़ पर पड़े छापे से यह खुलासा हुआ है कि सुनील यादव उर्फ ‘देवता’ ही इस पूरे सिंडिकेट का सरगना था। वह कमिश्नरेट वाराणसी और चंदौली पुलिस को चकमा देने में माहिर था। रामनगर पुलिस कार्रवाई करती तो वह चंदौली की सीमा में जा छिपता था, और अगर चंदौली पुलिस सक्रिय होती तो वह रामनगर थाना क्षेत्र में पहुँच जाता था। पिछले पांच सालों से वह इसी तरह अपने जुए के साम्राज्य को चला रहा था।

​पहले वाराणसी के रामनगर क्षेत्र में सक्रिय रहने के बाद, कमिश्नरेट पुलिस की सख्ती से उसने अपना ठिकाना चंदौली के मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के सेमरा गांव में बना लिया। जलीलपुर पुलिस चौकी क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए, उसने कथित तौर पर एलआईयू (स्थानीय खुफिया इकाई) तक को निष्क्रिय कर रखा था, जिससे लंबे समय तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

​एडीजी चैटबॉट से खुला मामला, 14 गिरफ्तार

​इस पूरे प्रकरण का खुलासा एडीजी वाराणसी की चैटबॉट सेवा के जरिये हुआ। छह दिन पहले सोमवार शाम को चंदौली SOG और मुगलसराय कोतवाली पुलिस ने सेमरा गांव में ओमप्रकाश उर्फ मग्गू पटेल के मकान पर छापा मारा। इस दौरान:

  • 1.5 लाख रुपये से अधिक नकदी बरामद हुई।
  • 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
  • 50 से अधिक बाइकें बरामद हुईं।

​हालांकि, मकान मालिक ओमप्रकाश उर्फ मग्गू, उसका बेटा राहुल पटेल और सरगना सुनील यादव उर्फ ‘देवता’ मौके से फरार होने में सफल रहे। चंदौली पुलिस ने इन तीनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।

​आईपीएल सट्टे से उभरा, रेस्टोरेंट और स्कूल तक चलाता था

​पुलिस जांच में सामने आया है कि अलीनगर थाना क्षेत्र के नींबूपुर निवासी सुनील यादव उर्फ ‘देवता’ का नाम आईपीएल सट्टेबाजी से प्रमुखता से उभरा। वह होटल, गेस्ट हाउस और गंगा किनारे के डोमरी, कटेसर, सूजाबाद जैसे इलाकों में अलग-अलग ठिकानों पर जुए के फड़ लगवाता था। जुआरियों को यह भरोसा दिलाया जाता था कि पुलिस उन्हें कभी नहीं पकड़ पाएगी।

​उसके सिंडिकेट में रोजाना पांच से सात लाख रुपये तक की बाजी लगती थी। धीरे-धीरे ‘देवता’ जुआ सिंडिकेट का प्रमुख बन गया। चौंकाने वाली बात यह है कि वह जुए के साथ-साथ ग्राम प्रधान बन चुका था, स्कूल खोला था और रेस्टोरेंट व प्रॉपर्टी के कारोबार में भी उतर गया था।

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