मथुरा

मथुरा: बांके बिहारी मंदिर में उमड़ा जनसैलाब, चरमराई व्यवस्थाएं; सुरक्षा गार्डों की मनमानी पर प्रशासन सख्त

मथुरा/वृंदावन (उत्तर प्रदेश): कान्हा की नगरी वृंदावन में इन दिनों श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ रहा है। विश्व प्रसिद्ध श्री बांके बिहारी मंदिर में उमड़ रही इस बेतहाशा भीड़ ने प्रशासन के दावों और मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। मंदिर परिसर से लेकर बाहर की तंग गलियों तक सिर्फ सिर ही सिर नजर आ रहे हैं, जिससे न केवल धक्का-मुक्की हो रही है, बल्कि बुजुर्गों और महिलाओं की सुरक्षा पर भी बड़ा खतरा मंडरा रहा है।

श्रद्धालुओं का दर्द: “दर्शन कम, धक्का-मुक्की ज्यादा”

​दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि मंदिर की गलियों में घंटों कतार में खड़े रहना उनके लिए परीक्षा बन गया है। भीषण गर्मी और भीड़ के दबाव के बीच महिलाओं और बच्चों की स्थिति और भी दयनीय हो जाती है। कई महिला श्रद्धालुओं ने शिकायत की है कि भीड़ में पुरुषों के बीच खड़े होने से उन्हें असहजता महसूस होती है और अगर किसी की तबीयत बिगड़ जाए, तो वहां से बाहर निकलना नामुमकिन जैसा है।

​श्रद्धालुओं का आरोप है कि मंदिर प्रशासन और पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) का कोई ठोस खाका नजर नहीं आता।

सुरक्षा गार्डों की ‘VIP’ भक्ति और मनमानी

​मामला तब और गंभीर हो गया जब सुरक्षा गार्डों की भूमिका पर सवाल उठे। मंदिर प्रबंधन ने पहले तय किया था कि गार्ड एक जगह स्थिर रहकर भीड़ को नियंत्रित करेंगे, लेकिन हकीकत इसके उलट है।

  • VIP कल्चर का बोलबाला: स्थानीय लोगों और भक्तों का कहना है कि गार्ड आम श्रद्धालुओं की मदद करने के बजाय वीआईपी (VIP) और सेवायतों के खास मेहमानों को दर्शन कराने में व्यस्त रहते हैं।
  • गेट नंबर 5 की बदहाली: गेट संख्या 5 पर स्थिति सबसे खराब है। यहीं से वीआईपी प्रवेश कराया जाता है। हाल ही में दर्शन कराने को लेकर दो सेवायतों के बीच मारपीट की घटना भी सामने आई है, जिसने मंदिर की छवि को धूमिल किया है।

प्रशासन का कड़ा रुख: अब तैनात रहेंगे मजिस्ट्रेट

​बढ़ती शिकायतों और हालिया विवादों को देखते हुए जिलाधिकारी (DM) और बांके बिहारी मंदिर हाईपावर्ड कमेटी के सचिव सीपी सिंह ने सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

  1. अपर मजिस्ट्रेट की तैनाती: अब मंदिर में सुबह और शाम, दोनों समय दर्शन के दौरान एक अपर मजिस्ट्रेट तैनात रहेगा। इनका काम मंदिर के अंदर और बाहर की व्यवस्थाओं पर सीधी नजर रखना होगा।
  2. कंट्रोल रूम से निगरानी: पूरे मंदिर क्षेत्र और गलियों को सीसीटीवी कैमरों के जरिए कंट्रोल रूम से मॉनिटर किया जाएगा ताकि कहीं भी भीड़ जमा होने पर तत्काल एक्शन लिया जा सके।
  3. गार्डों पर कार्रवाई: जिलाधिकारी ने साफ चेतावनी दी है कि राजस्थान सिक्योरिटी सर्विस के गार्डों की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई गार्ड दोबारा बदसलूकी या नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसे सीधे जेल भेजा जाएगा।

सुझाव: कैसे सुधरेगी व्यवस्था?

​भक्तों और स्थानीय निवासियों की मांग है कि:

  • ​वीआईपी दर्शन की व्यवस्था को पूरी तरह सीमित या बंद किया जाए।
  • ​महिलाओं के लिए अलग और सुरक्षित कतारों का इंतजाम हो।
  • ​मंदिर की तंग गलियों में ऑक्सीजन और पानी की उचित व्यवस्था की जाए।

​बांके बिहारी के दर्शन की अभिलाषा लेकर आने वाले भक्त केवल श्रद्धा और सुकून चाहते हैं, लेकिन वर्तमान अव्यवस्था उनके इस अनुभव को कड़वा बना रही है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन के ये नए निर्देश जमीन पर कितने कारगर साबित होते हैं।

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