कला और संस्कृति का नया केंद्र: सीएम योगी ने किया भारतेंदु नाट्य अकादमी के भव्य भवन का लोकार्पण
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ रविवार को कला और संस्कृति के एक ऐतिहासिक क्षण की गवाह बनी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोमती नगर स्थित भारतेंदु नाट्य अकादमी (BNA) के नवनिर्मित संपूर्ण भवन और दो अत्याधुनिक प्रेक्षागृहों (Auditoriums) का लोकार्पण किया। ₹22 करोड़ की लागत से अकादमी का कायाकल्प किया गया है, जो अब प्रदेश के कलाकारों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस हो गई है।
स्वर्ण जयंती समारोह का भव्य शुभारंभ
भारतेंदु नाट्य अकादमी अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में ‘स्वर्ण जयंती नाट्य समारोह’ मना रही है। इस विशेष अवसर पर आठ दिवसीय रंगोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देशभर के प्रख्यात रंगकर्मी और कलाकार हिस्सा ले रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीप प्रज्ज्वलित कर इस समारोह का औपचारिक उद्घाटन किया।
लोकार्पण के साथ ही सीएम ने अकादमी की प्रतिष्ठित पत्रिका ‘रंगभेद’ के विशेष अंक का विमोचन भी किया। यह पत्रिका भारतीय रंगमंच के इतिहास और आधुनिक प्रवृत्तियों पर आधारित है।
₹22 करोड़ से बदला अकादमी का स्वरूप
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि कला और संस्कृति किसी भी समाज की आत्मा होती है। ₹22 करोड़ के बजट से अकादमी के भवन का जीर्णोद्धार किया गया है ताकि भावी पीढ़ी के कलाकारों को सीखने और अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए आधुनिक मंच मिल सके। नए प्रेक्षागृहों में अत्याधुनिक साउंड सिस्टम, लाइटिंग और बैठने की बेहतर व्यवस्था की गई है।
15 प्रख्यात कलाकारों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने रंगमंच के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 15 दिग्गज कलाकारों, विद्वानों और अकादमी के पूर्व छात्रों को सम्मानित किया। सीएम ने कहा कि इन कलाकारों ने अपनी साधना से उत्तर प्रदेश का नाम पूरे देश में रोशन किया है। सम्मानित होने वाले कलाकारों में कई ऐसे नाम शामिल हैं जिन्होंने भारतीय फिल्म जगत और थिएटर को नई ऊंचाइयां दी हैं।
‘आनंद मठ’ के मंचन ने मोहा मन
लोकार्पण समारोह के बाद मुख्यमंत्री ने कलाकारों द्वारा प्रस्तुत नाटकों का अवलोकन किया। विशेष रूप से बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के प्रसिद्ध उपन्यास पर आधारित नाटक ‘आनंद मठ’ की प्रस्तुति दी गई। कलाकारों के जीवंत अभिनय और देशभक्ति से ओत-प्रोत संवादों ने सभागार में मौजूद दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सीएम योगी ने कलाकारों के प्रदर्शन की सराहना की और कहा कि नाटक केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज का दर्पण और राष्ट्रवाद की भावना जागृत करने का माध्यम होने चाहिए।
संस्कृति को बढ़ावा देने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को संजोने और उसे वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भारतेंदु हरिश्चंद्र को याद करते हुए कहा कि उनके नाम पर स्थापित यह अकादमी हिंदी रंगमंच की रीढ़ है। स्वर्ण जयंती के अवसर पर आयोजित यह आठ दिवसीय कार्यक्रम न केवल लखनऊ बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक वातावरण को नई ऊर्जा देगा।
कलाकारों का महाकुंभ
अकादमी के निदेशक ने बताया कि इस स्वर्ण जयंती समारोह के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से आए नाट्य दल अपनी प्रस्तुतियां देंगे। यह अकादमी के 50 वर्षों के सफर को याद करने और भविष्य की नई संभावनाओं को तलाशने का एक मंच है।
निष्कर्ष
भारतेंदु नाट्य अकादमी का यह नया स्वरूप लखनऊ की सांस्कृतिक पहचान में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ता है। सीएम योगी के इस कदम से न केवल रंगमंच से जुड़े युवाओं का उत्साह बढ़ा है, बल्कि उत्तर प्रदेश में ‘कल्चरल टूरिज्म’ और कला के क्षेत्र में रोजगार की नई संभावनाएं भी खुली हैं।