आगरा

​सावधान! 20 महीने में पैसा दोगुना करने का लालच पड़ा भारी, आगरा के युवक ने गंवाए 12 लाख रुपये

आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से साइबर ठगी का एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसे सुनकर किसी के भी होश उड़ जाएं। ठगों ने न केवल फाइव स्टार होटलों में सेमिनार आयोजित कर लोगों का भरोसा जीता, बल्कि एक फर्जी मोबाइल ऐप के जरिए निवेश पर “झूठा मुनाफा” दिखाकर करोड़ों की चपत लगा दी। आगरा के एक युवक को इस जाल में फंसाकर ठगों ने करीब 12 लाख रुपये हड़प लिए।

फाइव स्टार होटल में बुना गया ठगी का जाल

​मामला आगरा के शमशाबाद रोड स्थित कहरई मोड़ का है। यहाँ के निवासी प्रदीप कुमार उपाध्याय, जो एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं, जुलाई 2025 में इस गिरोह के संपर्क में आए। ठगों ने बेहद शातिर तरीके से उन्हें ‘C Prime Capital LLC’ नामक कंपनी के बारे में बताया। विश्वास दिलाने के लिए पीड़ित को देहरादून के एक बड़े फाइव स्टार होटल में आयोजित सेमिनार में बुलाया गया।

​इस सेमिनार में जतिन राम, मोहित राना, गौरव सिंह जैसे मुख्य आरोपियों ने प्रदीप को यह लालच दिया कि यदि वह उनकी कंपनी में निवेश करते हैं, तो मात्र 20 महीनों में उनकी रकम दोगुनी हो जाएगी।

MT-05 ऐप पर दिखता रहा फर्जी मुनाफा

​ठगों ने निवेश की प्रक्रिया को “डिजिटल और पारदर्शी” दिखाने के लिए प्रदीप से MT-05 नाम का एक मोबाइल ऐप डाउनलोड करवाया। ऐप पर प्रदीप की आईडी बनाई गई, जहाँ वह देख सकते थे कि उनका पैसा बढ़ रहा है। डिजिटल ग्राफ और नंबर्स के खेल में उलझकर प्रदीप को लगा कि वाकई उन्हें बड़ा मुनाफा हो रहा है।

​इसी मुनाफे को देख प्रदीप ने न केवल अपने 10 लाख रुपये निवेश किए, बल्कि अपने दो दोस्तों से भी 1-1 लाख रुपये निवेश करवा दिए। कुल मिलाकर 12 लाख रुपये ठगों के खाते में पहुंच गए।

जब पैसे निकालने की बारी आई, तब खुली पोल

​ठगी का खुलासा तब हुआ जब प्रदीप को पैसों की जरूरत पड़ी। जब उन्होंने ऐप से अपनी रकम विड्रॉल (निकासी) करने की कोशिश की, तो तकनीकी दिक्कतों का बहाना बनाया जाने लगा। स्थानीय संपर्क सूत्रों और आरोपियों ने कॉल उठाना बंद कर दिया या टालमटोल करने लगे।

​जब प्रदीप ने गहराई से छानबीन की, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्हें पता चला कि ‘C Prime Capital’ नाम की यह कंपनी भारत में वित्तीय निवेश या ट्रेडिंग के लिए अधिकृत (SEBI Registered) ही नहीं है। यह पूरी तरह से एक पोंजी स्कीम थी जिसे ऐप के जरिए संचालित किया जा रहा था।

साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज

​अपने साथ हुई ठगी का एहसास होने के बाद पीड़ित प्रदीप कुमार उपाध्याय ने तुरंत आगरा के साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी का कहना है कि आरोपियों के बैंक खातों और डिजिटल फुटप्रिंट्स की तलाश की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि इस गिरोह ने देश भर के सैकड़ों लोगों को इसी तरह अपना शिकार बनाया है।

साइबर ठगी से बचने के लिए सुझाव:

  1. अवास्तविक रिटर्न से बचें: अगर कोई भी कंपनी 20 महीने में पैसा दोगुना करने का वादा करती है, तो वह निश्चित रूप से संदिग्ध है।
  2. SEBI रजिस्ट्रेशन चेक करें: किसी भी कंपनी में निवेश करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि वह भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास पंजीकृत है या नहीं।
  3. फर्जी ऐप्स से सावधान: प्ले स्टोर या बाहरी लिंक से डाउनलोड किए गए अनधिकृत ट्रेडिंग ऐप्स पर भरोसा न करें।
  4. साइबर हेल्पलाइन: यदि आप किसी भी प्रकार की साइबर ठगी का शिकार होते हैं, तो तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

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