वाराणसी

वाराणसी: अग्निकांड के बाद ‘HM इंटरनेशनल होटल’ पर पुलिस ने जड़ा ताला, एडीएम प्रोटोकॉल से मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट

Varanasi Hotel Fire Update: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में लक्सा थाना क्षेत्र के नई सड़क स्थित ‘एचएम इंटरनेशनल होटल’ में हुई आगजनी की घटना के बाद प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। पुलिस ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाए जाने पर होटल पर ताला जड़ दिया है। इस मामले में अब सीलिंग की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए एडीएम प्रोटोकॉल से रिपोर्ट मांगी गई है।

लापरवाही पर सख्त रुख: एडीएम प्रोटोकॉल को पत्र

​लक्सा थाना प्रभारी राजू कुमार के अनुसार, होटल में सुरक्षा इंतजामों की जांच के लिए पर्यटन विभाग और एडीएम प्रोटोकॉल को पत्र लिखकर कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी गई है। जैसे ही संबंधित विभागों से रिपोर्ट प्राप्त होगी, होटल को आधिकारिक रूप से सीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

​पुलिस की इस कार्रवाई से शहर के अन्य होटल और गेस्ट हाउस संचालकों में हड़कंप मच गया है।

वाराणसी में अन्य होटलों को भी नोटिस

​अग्निशमन विभाग (Fire Brigade) ने इस हादसे से सबक लेते हुए आसपास के अन्य संस्थानों पर भी नकेल कसना शुरू कर दिया है।

  • होटल फरहान को नोटिस: एचएम इंटरनेशनल के पड़ोस में स्थित ‘होटल फरहान’ को भी नोटिस जारी किया गया है।
  • 7 दिन का अल्टीमेटम: होटल प्रबंधन को अग्नि सुरक्षा उपकरण (Fire Equipment) दुरुस्त करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है।
  • अभियान की तैयारी: सीएफओ आनंद सिंह राजपूत ने स्पष्ट किया है कि जल्द ही पूरे शहर में एक विशेष अभियान चलाकर सभी गेस्ट हाउस और होटलों की फायर सेफ्टी की जांच की जाएगी।

हादसे का विवरण: क्या हुआ था उस रात?

​वाराणसी के चौक थाना क्षेत्र के निवासी मेराज का यह होटल ‘नई सड़क’ जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में स्थित है।

  • भवन की संरचना: भूतल और पहली मंजिल पर कपड़ों की दुकान थी, जबकि तीसरी और चौथी मंजिल पर पेइंग गेस्ट हाउस का संचालन हो रहा था।
  • आग का कारण: रविवार देर रात शॉर्ट सर्किट की वजह से भीषण आग लग गई।
  • फंसे पर्यटक: आग लगने के समय होटल में विदेशी पर्यटकों के साथ-साथ भारत के चार अलग-अलग राज्यों के लोग ठहरे हुए थे। धुएं और लपटों के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सभी को सुरक्षित निकाला गया।

झुलसे पर्यटकों को अस्पताल से छुट्टी

​इस हादसे में झुलसे पांच पर्यटकों को मंडलीय अस्पताल कबीर चौरा में भर्ती कराया गया था। इलाज के बाद बुधवार को डॉक्टरों ने उन सभी को डिस्चार्ज कर दिया है। पर्यटकों की जान बच जाना एक बड़ी राहत की बात रही, लेकिन यह घटना प्रशासन की सतर्कता पर बड़े सवाल खड़े कर गई है।

अनाधिकृत गेस्ट हाउस: प्रशासन की ‘विशेष कृपा’ पर सवाल

​जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि वाराणसी में लगभग 360 से अधिक गेस्ट हाउस बिना किसी अधिकृत मानक के चल रहे हैं।

मुख्य चुनौतियांस्थिति
कुल अवैध गेस्ट हाउस360+ (अनुमानित)
सुरक्षा उपकरणअधिकांश में पूरी तरह नदारद
मानक की अनदेखीपर्यटन विभाग और एलआईयू की ढिलाई
सड़क की चौड़ाईसंकरी

निष्कर्ष

​वाराणसी की तंग गलियों में संचालित हो रहे ये गेस्ट हाउस किसी ‘डेथ ट्रैप’ (Death Trap) से कम नहीं हैं। ‘एचएम इंटरनेशनल’ की घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बिना फायर एनओसी (NOC) के चल रहे संस्थान न केवल पर्यटकों की जान जोखिम में डाल रहे हैं, बल्कि शहर की सुरक्षा व्यवस्था को भी चुनौती दे रहे हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन इन 360+ अवैध गेस्ट हाउसों पर कितनी प्रभावी कार्रवाई करता है।

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