Prayagraj Airport : महाकुंभ में रचा कीर्तिमान, अब उड़ानों के लिए तरस रहा शहर का आसमान
महाकुंभ जैसे विशाल आयोजन के दौरान Prayagraj Airport ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की थी।
देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचे, जिसके चलते एयरपोर्ट पर रिकॉर्ड संख्या में फ्लाइट्स और यात्रियों की आवाजाही देखी गई। उस समय यह एयरपोर्ट उत्तर भारत के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में शामिल हो गया था।
लेकिन अब हालात बिल्कुल उलट हैं। महाकुंभ खत्म होने के बाद उड़ानों की संख्या में भारी गिरावट आई है। कई रूट्स पर फ्लाइट्स बंद हो चुकी हैं, जबकि कुछ पर सीमित सेवाएं ही बची हैं। इसका सीधा असर यात्रियों पर पड़ रहा है,
जिन्हें अब दूसरे शहरों—जैसे Varanasi या Lucknow—का रुख करना पड़ रहा है।
क्या हैं कारण?
महाकुंभ के दौरान अस्थायी रूप से बढ़ाई गई फ्लाइट्स अब हटा दी गईंयात्रियों की संख्या में कमीएयरलाइंस का कम मुनाफे वाले रूट्स से हटनासीमित डिमांड के चलते नियमित उड़ानों का संचालन मुश्किलस्थानीय लोगों की परेशानीप्रयागराज के व्यापारियों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को अब यात्रा के लिए अतिरिक्त समय और पैसा खर्च करना पड़ रहा है।
पर्यटन और व्यापार पर भी इसका असर दिखने लगा है।आगे क्या उम्मीद?विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि सरकार और एयरलाइंस मिलकर नए रूट्स और सस्ती सेवाएं शुरू करें, तो Prayagraj Airport फिर से रफ्तार पकड़ सकता है। साथ ही शहर में पर्यटन और उद्योग को बढ़ावा देने से भी हवाई सेवाओं की मांग बढ़ सकती है।
