अक्षय तृतीया: सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक का मुहूर्त सबसे श्रेष्ठ, ऐसे करें नई शुरुआत; जानें खास
अक्षय तृतीया (इस बार 19–20 अप्रैल) को हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ और “अबूझ मुहूर्त” माना जाता है—यानी इस दिन बिना पंचांग देखे भी शुभ कार्य किए जा सकते हैं। मान्यता है कि इस दिन किए गए कार्यों का फल अक्षय (कभी खत्म न होने वाला) होता है।
🕰️ सबसे शुभ मुहूर्तसुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक का समय विशेष रूप से श्रेष्ठ माना गया हैइस दौरान नए काम, खरीदारी या निवेश करना अत्यंत शुभ फल देता है
🌼 कैसे करें नई शुरुआत
1. पूजा और दान से शुरुआतसुबह स्नान कर भगवान भगवान विष्णु और माता माता लक्ष्मी की पूजा करें।पीले फूल, चावल और तुलसी अर्पित करेंगरीबों को दान दें (अनाज, वस्त्र, जल आदि)
2. सोना-चांदी खरीदनाइस दिन सोना खरीदना सबसे लोकप्रिय परंपरा है, जो समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
3. नया काम शुरू करेंबिजनेस, नौकरी या किसी प्रोजेक्ट की शुरुआतनया घर, वाहन या जमीन खरीदना
4. निवेश के लिए शुभ दिनशेयर मार्केट, FD, या अन्य निवेश शुरू करने के लिए अच्छा समय माना जाता है
5. विवाह और मांगलिक कार्यअक्षय तृतीया को शादी, सगाई, गृह प्रवेश जैसे कार्य बिना मुहूर्त देखे भी किए जा सकते हैं।
🌿 खास मान्यताएंमाना जाता है कि इस दिन त्रेता युग का आरंभ हुआ थाइसी दिन भगवान परशुराम का जन्म भी हुआ थागंगा स्नान और दान का विशेष महत्व है
✨ क्या करें और क्या न करें
✔️ करेंदान-पुण्यनई शुरुआतसकारात्मक संकल्प
❌ न करेंकिसी से विवादनकारात्मक सोचअपशब्द या क्रोध
