लखनऊ

​कानपुर: स्कॉर्पियो पर हूटर लगाकर दिखा रहे थे ‘भौकाल’, पुलिस ने काटा 10 हजार का चालान; पूर्व प्रधान ने खुद उतारी रसूख की बत्ती

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में अब वीआईपी कल्चर और अवैध तरीके से गाड़ियों पर हूटर बजाकर ‘भौकाल’ दिखाना भारी पड़ने लगा है। पुलिस कमिश्नर के सख्त निर्देशों के बाद शहर भर में अवैध हूटर और प्रेशर हॉर्न के खिलाफ एक सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को मंधना चौराहे पर पुलिस ने एक पूर्व प्रधान की काली स्कॉर्पियो पर शिकंजा कसा और भारी-भरकम जुर्माना ठोक दिया।

चेकिंग के दौरान धरी गई ‘रसूख’ वाली गाड़ी

​बुधवार दोपहर मंधना चौराहे पर टीआई (ट्रैफिक इंस्पेक्टर) संजीव पाल अपनी टीम के साथ नियमित वाहन चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस की नजर सामने से आ रही एक चमचमाती काली स्कॉर्पियो पर पड़ी, जिस पर अवैध रूप से हूटर लगा हुआ था। पुलिस ने तत्काल गाड़ी को रोक लिया। गाड़ी रुकते ही उसके अंदर सवार व्यक्ति ने अपना परिचय एक पूर्व प्रधान के रूप में दिया।

​अमूमन ऐसे मामलों में नेतागिरी या रसूख का हवाला देकर लोग बचने की कोशिश करते हैं, लेकिन पुलिस कमिश्नर के सख्त आदेशों के चलते टीआई संजीव पाल ने नियमों का हवाला देते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी।

10 हजार का जुर्माना और ‘भौकाल’ का अंत

​जब पुलिस ने हूटर लगाने का कारण पूछा, तो कार सवार पूर्व प्रधान ने जो जवाब दिया वह हैरान करने वाला था। उन्होंने बताया कि यह हूटर उन्होंने नहीं, बल्कि घर के बच्चों ने ‘भौकाल’ दिखाने के लिए लगवा लिया था। हालांकि, यह दलील पुलिस के सामने काम नहीं आई। पुलिस ने मोटर व्हीकल एक्ट के उल्लंघन के तहत गाड़ी का 10 हजार रुपये का चालान काट दिया।

​इतने भारी-भरकम जुर्माने की रसीद हाथ में आते ही पूर्व प्रधान का सारा ‘भौकाल’ हवा हो गया। चालान कटने के बाद उन्होंने अपनी गलती स्वीकार की और पुलिस के सामने ही खुद अपने हाथों से गाड़ी पर लगा हूटर उतार दिया। उन्होंने भविष्य में दोबारा ऐसी गलती न करने की बात कहते हुए हूटर को गाड़ी के अंदर रख लिया।

पुलिस कमिश्नर का सख्त अभियान

​कानपुर पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया है कि सड़कों पर आम जनता को डराने या रसूख दिखाने के उद्देश्य से लगाए गए हूटर, सायरन और काली फिल्म पूरी तरह प्रतिबंधित हैं।

  • अभियान का लक्ष्य: शहर की सड़कों को वीआईपी कल्चर से मुक्त करना और ध्वनि प्रदूषण को कम करना।
  • सख्त निर्देश: किसी भी रसूखदार, नेता या अधिकारी की निजी गाड़ी पर यदि अवैध हूटर पाया जाता है, तो बिना किसी दबाव के कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
  • जारी है चेकिंग: मंधना के अलावा रावतपुर, साकेत नगर, और माल रोड जैसे प्रमुख चौराहों पर भी पुलिस टीमें तैनात हैं जो मॉडिफाइड साइलेंसर और हूटर वाली गाड़ियों को ट्रैक कर रही हैं।

जनता को संदेश

​पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों और जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें। हूटर और सायरन का उपयोग केवल आपातकालीन सेवाओं (जैसे एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस वाहन) के लिए निर्धारित है। निजी वाहनों पर इनका उपयोग करना न केवल अवैध है बल्कि अन्य चालकों को भ्रमित और परेशान भी करता है।

निष्कर्ष: मंधना की यह घटना उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो नियम तोड़कर समाज में अपना रुतबा कायम करना चाहते हैं। कानपुर पुलिस का यह ‘हूटर विरोधी अभियान’ फिलहाल जारी रहने वाला है, जिससे शहर की कानून व्यवस्था और यातायात व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है।

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