लखनऊ

गंगा एक्सप्रेसवे: अब टोल प्लाजा पर नहीं लगेगी वाहनों की कतार, AI कैमरों से बिना रुके कटेगा टोल; जानें बदायूं में क्या हैं तैयारियां

बदायूं। उत्तर प्रदेश की परिवहन व्यवस्था में एक नई क्रांति आने वाली है। उत्तर प्रदेश के सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स में से एक, गंगा एक्सप्रेसवे, अब उद्घाटन के लिए पूरी तरह तैयार है। खास बात यह है कि इस एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों को अब टोल प्लाजा पर रुककर अपनी बारी का इंतजार नहीं करना होगा। आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से यहाँ ‘नो-स्टॉप’ टोल व्यवस्था लागू की जा रही है।

प्रधानमंत्री 29 अप्रैल को कर सकते हैं उद्घाटन

​खबरों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अप्रैल को गंगा एक्सप्रेसवे का भव्य उद्घाटन कर सकते हैं। उद्घाटन समारोह हरदोई जिले से होने की संभावना है, जिसका सीधा प्रसारण बदायूं के बिनावर स्थित घटपुरी इंटरचेंज के पास किया जाएगा। जिलाधिकारी अवनीश राव और एसएसपी अंकिता शर्मा ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।

AI तकनीक से लैस होगा टोल सिस्टम

​अब तक हाईवे और एक्सप्रेसवे पर टोल वसूलने के लिए बैरियर लगे होते थे, जिससे फास्टैग होने के बावजूद अक्सर जाम की स्थिति बन जाती थी। गंगा एक्सप्रेसवे पर इस पारंपरिक व्यवस्था को खत्म कर दिया गया है।

  • हाईटेक गेंट्री और कैमरे: एक्सप्रेसवे पर अत्याधुनिक सेंसर और एआई जनरेटेड कैमरे लगाए जा रहे हैं। ये कैमरे वाहन की नंबर प्लेट को रीड करेंगे और जैसे ही वाहन वहां से गुजरेगा, डिजिटल वॉलेट या लिंक किए गए अकाउंट से टोल की राशि अपने आप कट जाएगी।
  • 120 किमी/घंटा की रफ्तार: बिना बैरियर की व्यवस्था होने से वाहन चालक अपनी गति कम किए बिना सफर जारी रख सकेंगे। यहाँ वाहनों के लिए 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार निर्धारित की गई है।
  • पारदर्शिता और सुरक्षा: हर एक किलोमीटर पर लगे कैमरे न केवल टोल वसूली में मदद करेंगे, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण होंगे। यदि कोई वाहन गति सीमा का उल्लंघन करता है या किसी संदिग्ध गतिविधि में लिप्त पाया जाता है, तो एआई सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी कर देगा।

सुरक्षा के लिए अभेद्य फेंसिंग और नई पुलिस चौकियाँ

​एक्सप्रेसवे को सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं:

  1. कंटीले तारों की फेंसिंग: पूरे कॉरिडोर के दोनों ओर मजबूत फेंसिंग की जा रही है ताकि आवारा मवेशी या पैदल यात्री अचानक सड़क पर न आ सकें। इससे हाई-स्पीड हादसों का खतरा न्यूनतम हो जाएगा।
  2. 6 नई पुलिस चौकियाँ: बदायूं जिले में एक्सप्रेसवे का करीब 95 किलोमीटर का हिस्सा आता है। इसकी निगरानी के लिए छह नई पुलिस चौकियाँ स्थापित की जा रही हैं।
  3. त्वरित सहायता: इन चौकियों पर 24 घंटे पुलिस बल और एंबुलेंस तैनात रहेगी ताकि किसी भी आपात स्थिति या दुर्घटना में तुरंत रिस्पॉन्स दिया जा सके।

बदायूं के लोगों को क्या मिलेगा फायदा?

​बदायूं के घटपुरी इंटरचेंज के पास जनसभा और कार्यक्रम की तैयारियां चल रही हैं। इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से बदायूं से दिल्ली, प्रयागराज और लखनऊ की दूरी काफी कम हो जाएगी। समय की बचत के साथ-साथ यह क्षेत्र औद्योगिक विकास के लिए भी एक नए द्वार खोलेगा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अफसरों की मौजूदगी में होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर जनता में भारी उत्साह है।

निष्कर्ष: गंगा एक्सप्रेसवे न केवल उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी को सुधारेगा, बल्कि डिजिटल टोल और एआई सुरक्षा के माध्यम से भारत के ‘स्मार्ट हाईवे’ के सपने को भी साकार करेगा। अब यात्रियों को न टोल की चिंता होगी और न ही जाम का डर।

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