UP संस्कृत शिक्षा परिषद रिजल्ट 2026: कन्नौज की सृष्टि ने रचा इतिहास, 10वीं में बनीं टॉपर; छात्राओं का दबदबा बरकरार
लखनऊ: उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद ने शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए बोर्ड परीक्षा के परिणामों की घोषणा कर दी है। इस वर्ष के परिणाम न केवल छात्रों के कठिन परिश्रम को दर्शाते हैं, बल्कि संस्कृत शिक्षा के प्रति बढ़ते रुझान और शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार का भी प्रतीक हैं।
कन्नौज की सृष्टि ने किया प्रदेश का नाम रोशन
पूर्व मध्यमा द्वितीय (10वीं) की परीक्षा में कन्नौज की सृष्टि ने शानदार सफलता हासिल करते हुए पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। सृष्टि ने 94.43 प्रतिशत अंक अर्जित कर अपनी मेधा का लोहा मनवाया। उनकी इस उपलब्धि पर उनके परिवार और जनपद में खुशी की लहर है।
सृष्टि की सफलता यह दर्शाती है कि यदि समर्पण और सही दिशा में प्रयास किया जाए, तो संस्कृत जैसे प्राचीन और समृद्ध विषय में भी उत्कृष्ट करियर और अंक प्राप्त किए जा सकते हैं।
मेरिट लिस्ट में प्रतापगढ़ का दबदबा
इस वर्ष की मेरिट लिस्ट में प्रतापगढ़ जिले के छात्रों ने अपनी विशेष उपस्थिति दर्ज कराई है:
- द्वितीय स्थान: प्रतापगढ़ की खुशबू सरोज ने 94.29 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। वह सृष्टि से महज कुछ अंकों के फासले से पीछे रहीं।
- तृतीय स्थान: तीसरे स्थान पर भी प्रतापगढ़ का ही जलवा रहा। यहाँ मुलायम सिंह और प्रियंका सरोज ने संयुक्त रूप से 93.29 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में तीसरा स्थान पाया।
पास प्रतिशत में 2.79% की बढ़ोतरी
शिक्षा परिषद द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष कुल उत्तीर्ण प्रतिशत में पिछले वर्ष के मुकाबले 2.79 प्रतिशत का सुधार देखा गया है। यह वृद्धि उत्तर प्रदेश में संस्कृत शिक्षा के गिरते स्तर की धारणाओं को तोड़ती है और यह संकेत देती है कि छात्र अब पारंपरिक विषयों में अधिक रुचि ले रहे हैं।
सरकार और परिषद द्वारा किए गए प्रशासनिक सुधारों, समय पर परीक्षा के आयोजन और पारदर्शी मूल्यांकन प्रक्रिया को इस सफलता का मुख्य कारण माना जा रहा है।
बेटियों ने फिर गाड़े सफलता के झंडे
परिणामों का सबसे सुखद पहलू यह रहा कि लगभग सभी वर्गों और श्रेणियों में छात्राओं का प्रदर्शन छात्रों की तुलना में काफी बेहतर रहा है। टॉप 3 में भी छात्राओं की संख्या अधिक है। परिषद के अधिकारियों के अनुसार, बालिकाओं की शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता और संस्कृत विद्यालयों में बेहतर सुविधाओं ने इस परिणाम को संभव बनाया है।
संस्कृत शिक्षा का बढ़ता महत्व
उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद का मुख्य उद्देश्य देववाणी संस्कृत का प्रचार-प्रसार करना और आधुनिक शिक्षा के साथ इसका समन्वय स्थापित करना है। इस वर्ष के परिणाम यह सिद्ध करते हैं कि संस्कृत केवल पूजा-पाठ की भाषा नहीं, बल्कि आधुनिक प्रतियोगी युग में भी प्रासंगिक है।
कैसे चेक करें अपना रिजल्ट?
जिन छात्रों ने इस वर्ष परीक्षा दी थी, वे अपना परिणाम परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर निम्नलिखित चरणों का पालन कर देख सकते हैं:
- परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- ’Result 2026′ के लिंक पर क्लिक करें।
- अपना रोल नंबर और आवश्यक विवरण दर्ज करें।
- मार्कशीट डाउनलोड करें और उसका प्रिंट आउट ले लें।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश संस्कृत शिक्षा परिषद का यह परिणाम उन सभी छात्रों के लिए प्रेरणा है जो अपनी जड़ों से जुड़कर आधुनिक भविष्य बनाना चाहते हैं। सृष्टि, खुशबू, मुलायम और प्रियंका जैसे मेधावियों ने यह साबित कर दिया है कि लगन और मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता।