लखनऊ

पीलीभीत: अमरिया में एलपीजी किल्लत पर फूटा महिलाओं का गुस्सा, गैस वाहन के आगे बैठकर किया प्रदर्शन

पीलीभीत। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के अमरिया क्षेत्र में शनिवार को रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर भारी हंगामा देखने को मिला। रसूला फरदिया स्थित ‘रामलुभाया भारत गैस एजेंसी’ पर सुबह से कतार में लगे उपभोक्ताओं को जब सिलेंडर नहीं मिला, तो उनके सब्र का बांध टूट गया। स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब होम डिलीवरी के लिए जा रहे वाहनों को नाराज महिलाओं ने बीच रास्ते में ही रोक लिया और वहीं धरने पर बैठ गईं।

सुबह 6 बजे से लाइन में लगे थे उपभोक्ता

​मामला शनिवार सुबह का है, जब क्षेत्र के दर्जनों गांव से आए उपभोक्ता गैस सिलेंडर लेने के लिए एजेंसी पर जमा हुए थे। कई महिलाएं और बुजुर्ग सुबह 6 बजे से ही अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। उपभोक्ताओं का आरोप है कि घंटों इंतजार करने के बाद भी जब कर्मचारी आए, तो उन्होंने काउंटर से गैस देने के बजाय सीधे होम डिलीवरी के लिए गाड़ियां रवाना करना शुरू कर दिया।

​जब कर्मचारियों ने दो वाहनों में 152 सिलेंडर लादकर उन्हें मझोला की ओर भेजना चाहा, तो वहां मौजूद भीड़ भड़क गई। उपभोक्ताओं की मांग थी कि पहले उन्हें गैस दी जाए जो सुबह से भूखे-प्यासे लाइन में खड़े हैं।

नियमों के फेर में फंसे उपभोक्ता

​हंगामे के दौरान एजेंसी के कर्मचारियों ने सफाई दी कि अधिकारियों के नए निर्देशों के अनुसार, अब एजेंसी से सीधे (Counter Sale) सिलेंडर का वितरण बंद कर दिया गया है और केवल होम डिलीवरी ही की जाएगी। इस तर्क ने आग में घी डालने का काम किया। उपभोक्ताओं का कहना था कि ग्रामीण क्षेत्रों में होम डिलीवरी समय पर नहीं पहुंचती, जिसके कारण उन्हें खुद एजेंसी तक आना पड़ता है।

​नाराज महिलाएं गैस से लदे वाहनों के आगे सड़क पर बैठ गईं, जिससे यातायात बाधित हो गया। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और आक्रोशित लोगों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस के काफी हस्तक्षेप के बाद ही वाहनों को वहां से रवाना किया जा सका।

एक महीने से बुकिंग, फिर भी चूल्हा ठंडा

​प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने गैस एजेंसी के प्रबंधन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए।

  • लखविंदर कौर (निवासी तिरकुनियां नसीर): “मेरी बुकिंग कई दिन पहले हो चुकी है। गैस खत्म होने वाली है, लेकिन बार-बार चक्कर लगाने के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।”
  • सरोज (निवासी भूड़ा): “बुकिंग कराए हुए एक महीना बीत चुका है। आज उम्मीद थी कि सिलेंडर मिल जाएगा, लेकिन अब नियमों का बहाना बनाकर हमें टरकाया जा रहा है।”

​उपभोक्ताओं ने बताया कि सिलेंडर न मिलने के कारण कई घरों में चूल्हे नहीं जल पा रहे हैं और वे लकड़ी या उपलों पर निर्भर होने को मजबूर हैं।

एजेंसी का पक्ष: स्टॉक पर्याप्त, वितरण की समस्या

​एजेंसी के कर्मचारी गौरव ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि शनिवार को गोदाम में कुल 558 सिलेंडर आए थे। इनमें से 152 सिलेंडर होम डिलीवरी के लिए मझोला क्षेत्र में भेज दिए गए। वर्तमान में 406 सिलेंडर गोदाम में सुरक्षित हैं। उन्होंने दोहराया कि वे केवल विभागीय आदेशों का पालन कर रहे हैं, जिसके तहत अब होम डिलीवरी को प्राथमिकता दी जा रही है।

प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग

​इस घटना ने जिले में एलपीजी वितरण प्रणाली की खामियों को उजागर कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि होम डिलीवरी समय पर हो, तो उन्हें एजेंसी तक आने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। घंटों इंतजार के बाद खाली हाथ लौटने वाले उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन और खाद्य आपूर्ति विभाग से इस मामले में हस्तक्षेप कर वितरण व्यवस्था सुचारू बनाने की मांग की है।

​शाम तक पुलिस और एजेंसी प्रबंधन के आश्वासन के बाद भीड़ छंटी, लेकिन उपभोक्ताओं में अभी भी भारी असंतोष बना हुआ है।

मुख्य जानकारी:

  • स्थान: अमरिया, पीलीभीत।
  • एजेंसी: रामलुभाया भारत गैस एजेंसी (रसूला फरदिया)।
  • मुद्दा: काउंटर सेल बंद होने और होम डिलीवरी में देरी।
  • परिणाम: पुलिस सुरक्षा में रवाना हुए वाहन, कई उपभोक्ता खाली हाथ लौटे।

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