वाराणसी: पेट्रोल पंप कर्मी पर जानलेवा हमले के दोषी को 8 साल 10 महीने की सजा, 9 साल बाद मिला न्याय
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनपद से न्याय की एक बड़ी खबर सामने आई है। वाराणसी कमिश्नरेट के रामनगर थाना क्षेत्र में साल 2017 में एक पेट्रोल पंप कर्मचारी पर हुई फायरिंग के मामले में अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। अपर सत्र न्यायाधीश (FTC-14) मनोज कुमार की अदालत ने अभियुक्त वेद प्रकाश पांडेय को हत्या के प्रयास का दोषी पाते हुए 8 साल 10 महीने के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
अदालत ने न केवल जेल की सजा दी, बल्कि दोषी पर 6,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। न्याय मिलने में भले ही 9 साल का समय लगा, लेकिन अदालत के इस सख्त रुख ने अपराधियों के मन में कानून का खौफ पैदा करने का काम किया है।
क्या था पूरा मामला? (घटनाक्रम)
अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में पेश किए गए तथ्यों के अनुसार, यह सनसनीखेज घटना 11 अप्रैल 2017 की रात की है। रात के लगभग 11:41 बजे टेंगरा मोड़ स्थित एक पेट्रोल पंप पर दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर पांच युवक पहुंचे थे। इन युवकों ने पहले अपनी गाड़ियों में पेट्रोल भरवाया और वहां से चले गए।
हालांकि, कुछ ही देर बाद वे युवक दोबारा पंप पर लौटे और वहां कार्यरत कर्मचारी राजू घोष के साथ किसी बात को लेकर विवाद करने लगे। बहस इतनी बढ़ गई कि उनमें से एक युवक (वेद प्रकाश पांडेय) ने तमंचा निकाला और राजू घोष पर पीछे से फायरिंग कर दी। गोली राजू की पीठ में लगी, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।
अस्पताल में जिंदगी की जंग और कानूनी कार्रवाई
घटना के तुरंत बाद घायल कर्मचारी राजू घोष को गंभीर हालत में बीएचयू (BHU) के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। वहां डॉक्टरों की कड़ी मेहनत के बाद राजू की जान तो बच गई, लेकिन इस हमले ने उसे शारीरिक और मानसिक रूप से गहरा जख्म दिया।
इस मामले में पेट्रोल पंप के मैनेजर घनश्याम सिंह (निवासी अंबेडकर नगर) ने रामनगर थाने में अज्ञात हमलावरों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच के बाद साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर वेद प्रकाश पांडेय को मुख्य अभियुक्त के रूप में चिन्हित किया और गिरफ्तार कर जेल भेजा।
अदालत का फैसला: सख्त सजा और जुर्माना
पिछले 9 वर्षों से चल रही कानूनी प्रक्रिया के दौरान गवाहों के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर दोष सिद्ध हुआ। अपर सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि:
- अभियुक्त वेद प्रकाश पांडेय को 8 वर्ष 10 माह के कठोर कारावास की सजा भुगतनी होगी।
- 6,500 रुपये का जुर्माना अदा करना होगा।
- यदि अभियुक्त जुर्माना जमा नहीं करता है, तो उसे 30 दिन का अतिरिक्त कारावास काटना होगा।
- अभियुक्त ने पहले जो समय जेल में बिताया है, उसे मूल सजा की अवधि में समायोजित (Adjust) किया जाएगा।
समाज में न्याय का संदेश
वाराणसी की अदालत का यह फैसला उन अपराधियों के लिए एक कड़ा संदेश है जो छोटी-छोटी बातों पर कानून हाथ में लेते हैं। पेट्रोल पंप जैसे सार्वजनिक स्थानों पर काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा हमेशा से एक चिंता का विषय रही है। ऐसे में 9 साल बाद ही सही, लेकिन अपराधी को मिली सजा ने पीड़ित परिवार और सहकर्मियों को राहत दी है।
सरकारी वकील ने कोर्ट में दलील दी थी कि समाज में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे गंभीर अपराधों में उदारता नहीं दिखाई जानी चाहिए। कोर्ट ने भी माना कि पीठ पीछे गोली चलाना न केवल कायरता है बल्कि यह सीधे तौर पर हत्या का प्रयास है।