UP: मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना का बड़ा ऐलान, सरकारी नौकरियों में मिलेगी उम्र में छूट, जानें क्या है चयन का 100 अंकों का फॉर्मूला
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने युवाओं को शासन और प्रशासन के साथ जोड़ने के लिए अपनी महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना’ (CM Fellowship Scheme) के नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। अब इस योजना के तहत चयनित होने वाले सीएम फेलो को भविष्य में निकलने वाली सरकारी नौकरियों में आयु सीमा (Age Relaxation) में विशेष छूट प्रदान की जाएगी।
पिछले सप्ताह कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद, नियोजन विभाग ने इस योजना के तहत चयन की विस्तृत प्रक्रिया और मेरिट प्रणाली भी जारी कर दी है।
100 अंकों की मेरिट प्रणाली से होगा चयन
अपर मुख्य सचिव नियोजन, आलोक कुमार के अनुसार, सीएम फेलो का चयन पूरी तरह पारदर्शी और मेरिट आधारित होगा। इसके लिए कुल 100 अंकों का एक मानक तय किया गया है, जिसका विभाजन इस प्रकार है:
- लिखित परीक्षा (50 अंक): इसमें उम्मीदवार की प्रशासनिक समझ, नीति निर्माण, डेटा विश्लेषण, डिजिटल गवर्नेंस और समसामयिक मुद्दों पर पकड़ की जांच की जाएगी।
- अधिमानी अर्हता/अनुभव (30 अंक): उच्च शिक्षा, नीति अनुसंधान, सामाजिक क्षेत्र में कार्य अनुभव, डेटा मैनेजमेंट और प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग से जुड़े अनुभव वाले अभ्यर्थियों को यहां अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
- साक्षात्कार (20 अंक): इसमें उम्मीदवार की नेतृत्व क्षमता, समस्या समाधान कौशल और क्षेत्रीय कार्य की समझ का आकलन किया जाएगा।
सरकारी नौकरियों में उम्र की छूट: एक बड़ा आकर्षण
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि जो युवा सीएम फेलो के रूप में अपनी सेवाएं सफलतापूर्वक पूरी करेंगे, उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार की आगामी सरकारी भर्तियों में आयु सीमा में रियायत दी जाएगी। इससे उन युवाओं को लाभ मिलेगा जो प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी कर रहे हैं और फेलोशिप के दौरान व्यावहारिक अनुभव प्राप्त कर रहे हैं।
तैनाती से पहले मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
चयनित होने के बाद सभी फेलो को सीधे फील्ड में नहीं भेजा जाएगा। उन्हें दो सप्ताह का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जहाँ उन्हें सरकारी योजनाओं की बारीकियों, शासन की कार्यप्रणाली और डिजिटल टूल्स के उपयोग के बारे में सिखाया जाएगा। इसके बाद ही उन्हें प्रदेश के विभिन्न जिलों में तैनात किया जाएगा।
क्या होगा सीएम फेलो का काम?
सीएम फेलो को मुख्य रूप से केंद्र और राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं (जैसे- आयुष्मान भारत, पीएम आवास योजना, डिजिटल इंडिया आदि) की ग्राउंड लेवल पर मॉनिटरिंग करनी होगी। उन्हें यह देखना होगा कि योजनाएं अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुँच रही हैं या नहीं और आने वाली बाधाओं की रिपोर्ट शासन को देनी होगी।
बढ़ाई जा सकती है फेलो की संख्या
शासन ने संकेत दिए हैं कि वर्तमान में यह प्रयोग सीमित संख्या के साथ शुरू किया जा रहा है। यदि यह मॉडल सफल रहता है और विकास कार्यों में गति आती है, तो भविष्य में फेलो की संख्या में काफी इजाफा किया जा सकता है।
प्रमुख बिंदु: एक नजर में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना (UP) |
| मुख्य लाभ | सरकारी नौकरियों में आयु सीमा में छूट |
| चयन आधार | 100 अंकों की मेरिट (50 लिखित + 30 अनुभव + 20 इंटरव्यू) |
| प्रशिक्षण | 2 सप्ताह का अनिवार्य ओरिएंटेशन |
| विभाग | यूपी स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन |