अयोध्या

बंगाल से बलिया तक हड़कंप: शुभेंदु अधिकारी के PA की मौत के मामले में राज सिंह गिरफ्तार, घर पर लटका ताला

बलिया/अयोध्या: पश्चिम बंगाल के कद्दावर नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले ने अब उत्तर प्रदेश के बलिया में हलचल मचा दी है। इस चर्चित हत्याकांड की जांच कर रही बंगाल पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बलिया निवासी राज सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। राज सिंह की गिरफ्तारी अयोध्या से हुई है, जिसके बाद से ही बलिया के उसके पैतृक निवास पर सन्नाटा पसरा हुआ है।
​अयोध्या में घेराबंदी और गिरफ्तारी
​जानकारी के अनुसार, बंगाल पुलिस की एक विशेष टीम पिछले कई दिनों से राज सिंह की लोकेशन को ट्रैक कर रही थी। रविवार रात जब राज सिंह लखनऊ में एक शादी समारोह में शामिल होकर लौट रहा था, तभी पुलिस ने उसे अयोध्या के पास दबोच लिया। बताया जा रहा है कि आरोपी को इस बात की भनक भी नहीं थी कि वह बंगाल पुलिस की रडार पर है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर लेकर बंगाल रवाना होने की तैयारी में है।
​बलिया के आनंद नगर में दहशत का माहौल
​राज सिंह की गिरफ्तारी की खबर जैसे ही बलिया पहुंची, उसके मोहल्ले आनंद नगर (सदर कोतवाली क्षेत्र) में सनसनी फैल गई। सोमवार सुबह जब स्थानीय मीडिया और लोग उसके घर पहुंचे, तो वहां मुख्य द्वार पर ताला लटका मिला। पड़ोसियों का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई के डर से परिवार के अन्य सदस्य भी कहीं चले गए हैं।
​मोहल्ले वालों के मुताबिक, रविवार देर रात सादे कपड़ों में कुछ लोग (बंगाल पुलिस की टीम) गाड़ियों से आए थे और राज सिंह के बारे में पूछताछ की थी। स्थानीय लोग इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं।
​आरोपी का आपराधिक इतिहास और राजनीतिक रसूख
​राज सिंह कोई नया नाम नहीं है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, राज सिंह का नाम पहले भी आपराधिक घटनाओं में आ चुका है। कुछ साल पहले बलिया के सदर कोतवाली क्षेत्र में ही एक अंडा दुकानदार को गोली मारने के मामले में वह मुख्य आरोपी रह चुका है। चर्चा यह भी है कि राज सिंह को स्थानीय स्तर पर कुछ रसूखदार लोगों और राजनीतिक नेताओं का संरक्षण प्राप्त था, जिसके कारण वह लंबे समय से बचता रहा।
​क्या है शुभेंदु अधिकारी PA मामला?
​शुभेंदु अधिकारी के पीए की मौत का मामला बंगाल की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा रहा है। इस मामले में साजिश और हत्या के कोण से जांच की जा रही है। राज सिंह की इस हत्याकांड में क्या भूमिका थी, वह शूटर था या साजिशकर्ता, इसका खुलासा बंगाल पुलिस की विस्तृत पूछताछ के बाद ही हो पाएगा। फिलहाल, बलिया पुलिस भी बंगाल पुलिस के संपर्क में है और आरोपी के पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही है।
​बलिया पुलिस की भूमिका
​सदर कोतवाली पुलिस और जिले के आला अधिकारी फिलहाल इस मामले में आधिकारिक बयान देने से बच रहे हैं, लेकिन सूत्रों का कहना है कि बंगाल पुलिस ने गिरफ्तारी से पहले स्थानीय पुलिस को सूचित किया था। इस गिरफ्तारी ने एक बार फिर यूपी और बंगाल के बीच अपराधी नेटवर्किंग पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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