Kanpur News: दो महीने में 60 प्रतिशत महंगे हुए मोबाइल, बिक्री 30 प्रतिशत घटी

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कानपुर। चिपसेट की कमी के कारण मोबाइल की कीमतें 60 फीसदी तक बढ़ गई हैं। दो महीने पहले जो फोन 10,000 रुपये का था, वह अब 15,000-16000 रुपये में मिल रहा है। कंपनियों ने स्टाक भी सीमित कर दिया है। पेन ड्राइव और मेमोरी कार्ड बाजार से गायब हो गए हैं। 300 रुपये वाली पेन ड्राइव 1200 रुपये में भी नहीं मिल रही है। जानकारों का कहना है कि आगे और भी दाम बढ़ने की संभावना है। मोबाइल की बिक्री भी 30 प्रतिशत घट गई है। स्मार्ट टीवी, एसी, फ्रिज और वाशिंग मशीन के दाम भी 10-20 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। पिछले साल जीएसटी राहत का असर भी बाजार से खत्म होता दिख रहा है।
कानपुर मोबाइल डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष नीरज वलेचा ने बताया कि चिपसेट को मोबाइल का मस्तिष्क कहा जाता है। यह फोन के चालू होने से लेकर बंद होने तक सभी कार्यों को नियंत्रित करता है। इसके बिना कोई भी स्मार्टफोन काम नहीं कर सकता। यह डिवाइस की प्रोसेसिंग, मेमोरी प्रबंधन और कनेक्टिविटी को संभालता है। चिपसेट की लंबे समय से कमी बनी हुई है। इसके चलते मोबाइल के दाम बढ़ते जा रहे हैं। बीते दो महीनों में 60 प्रतिशत तक दाम बढ़ गए हैं। जो फोन पहले 9500 रुपये का था, अब दाम 14 हजार हो गए हैं। 50 हजार से एक लाख से ज्यादा मूल्य वाले फोनों पर कंपनियों ने स्कीम खत्म कर दी है। इस पर अभी तक 15 प्रतिशत तक लाभ मिलता था। आईफोन के सभी मॉडलों में पांच हजार रुपये की वृद्धि हो गई।
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इलेक्ट्रानिक्स कारोबारी मनीष कोहली ने बताया कि चिपसेट की कमी से स्मार्टफोन फोनों की कीमतें तेजी से बढ़ गई हैं। एम महीने में तीन बार दाम बढ़ चुके हैं। अगले कुछ दिनों में दाम फिर बढ़ने वाले हैं। ये संकट 2027 तक बने रहने की संभावना जताई जा रही है। उन्होंने बताया कि शहर भर में मोबाइल की छोटी-बड़ी दुकानें और शोरूम मिलाकर संख्या करीब 1500 है। प्रतिदिन शहर में 5000 फोन बिकते थे। दाम तेज होने से बिक्री 30 प्रतिशत घट गई है। चिपसेट चीन और ताइवान से आता है। अब वहां से ही कम संख्या में इसका आयात हो पा रहा है। पेन ड्राइव और मेमोरी कार्ड भी बाजार से गायब हो गए हैं। कारोबारियों ने इन्हें मंगाना भी बंद कर दिया है। इसके चलते बाजार में ये उपलब्ध नहीं हैं।
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उन्होंने बताया कि कॉपर तार, प्लास्टिक और पैकेजिंग उत्पादों में तेजी की बात कह कर कंपनियों ने स्मार्ट टीवी, एसी, फ्रिज और वाशिंग मशीनों के दाम में 10-20 प्रतिशत तक बढ़ोत्तरी कर दी है। पिछले साल सरकार ने सितंबर में इलेक्ट्रानिक्स आइटमों में 28 प्रतिशत जीएसटी घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया था। इससे 10 प्रतिशत तक दाम घटे थे लेकिन मौजूदा स्थिति में जीएसटी राहत से पहले की स्थिति में उत्पादों के दाम पहुंच गए हैं। 26 हजार वाला एसी 31 हजार में मिल रहा है।