Lucknow: इंडक्शन की मांग को लेकर मची ‘हाय-तौबा’ कम हुई, मांग घटी पर बढ़ी हुई कीमत अब भी स्थिर
सार
कारोबारी के मुताबिक सामान्य दिनों में शहर में रोजाना करीब 100 इंडक्शन बिकते थे, जो गैस किल्लत के दौरान 1,000 के पार पहुंच गए थे। अब यह आंकड़ा 300 के आसपास आ गया है।

– फोटो : Amar Ujala/ Adobe stockविज्ञापन
विस्तार
इलेक्ट्रॉनिक बाजार में एक महीने से मची ‘हाय-तौवा’ अब शांत होने लगी है। गैस संकट के कारण जिस इंडक्शन की मांग सामान्य से 10 गुना बढ़ गई थी, उसमें अब 70 फीसदी तक की गिरावट आ गई है। हालांकि, कीमतें अब भी आसमान पर हैं। दूसरी ओर, बढ़ती गर्मी ने एयर कंडीशनर (एसी) के बाजार में जान फूंक दी है और महज एक हफ्ते में इनकी बिक्री दोगुनी हो गई है।
नाका के थोक कारोबारी रमनदीप सिंह के मुताबिक, सामान्य दिनों में शहर में रोजाना करीब 100 इंडक्शन बिकते थे, जो गैस किल्लत के दौरान 1,000 के पार पहुंच गए थे। अब यह आंकड़ा 300 के आसपास आ गया है। इसके बावजूद 2,500-3,000 रुपये वाला इंडक्शन अब भी 4,000-5,000 रुपये में बिक रहा है। इंदिरानगर के कारोबारी अनिरुद्ध निगम बताते हैं कि मांग अभी भी सामान्य से तीन गुना है, इसलिए कीमतों में फिलहाल कमी नहीं आई है।
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स्टॉक की स्थिति : वैरायटी का अभाव– रमनदीप सिंह का कहना है कि हालांकि बाजार में माल की वैरायटी कम हुई है, क्योंकि कंपनियां पुराने ऑर्डर्स को ही पूरा करने में जुटी हैं। डीलर अभी ग्राहकों को इंडक्शन की सभी रेंज उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं।
एसी का बाजार : दाम बढ़े, मुफ्त इंस्टॉलेशन की सुविधा खत्म
गर्मी बढ़ने के साथ ही एसी की मांग में जबरदस्त उछाल आया है। कारोबारी अनिरुद्ध निगम बताते हैं कि 15 अप्रैल के बाद से एसी की बिक्री मार्च और शुरुआती अप्रैल की तुलना में दोगुनी हो गई है। एसी के दामों में 7-8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। जो एसी पहले 30 हजार रुपये का था, वह अब 32 हजार रुपये तक पहुंच गया है। वहीं, बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनियों ने अपनी लुभावनी स्कीम्स भी वापस ले ली हैं। 4 अप्रैल के बाद से अधिकांश कंपनियों ने मुफ्त इंस्टॉलेशन की सुविधा बंद कर दी है।