यूपी: प्रदेश में सामने आई बिजली संकट की वजह, कई दिनों तक बंद रहीं थर्मल पावर इकाइयां; कर्मियों की हुई छंटनी
उत्तर प्रदेश में चल रहे बिजली संकट के पीछे थर्मल पावर इकाइयों का कई दिनों तक बंद रहना एक बड़ी वजह बताई जा रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, उत्पादन इकाइयों में तकनीकी खराबी, रखरखाव और कर्मचारियों की कमी के कारण बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ। इसी दौरान बड़ी संख्या में संविदा कर्मियों की छंटनी होने से संचालन और मरम्मत कार्य भी प्रभावित हुए।
भीषण गर्मी और लू के चलते प्रदेश में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। कई जिलों में 8 से 10 घंटे तक कटौती की शिकायतें सामने आईं, जबकि लखनऊ समेत कई शहरों में फॉल्ट और ओवरलोडिंग से सप्लाई बार-बार बाधित हुई।
रिपोर्टों में यह भी सामने आया कि कुछ थर्मल प्लांटों की इकाइयां लगातार बंद रहीं, जिससे हजारों मेगावाट उत्पादन घट गया। पहले भी ओबरा, अनपरा और ऊंचाहार जैसे बड़े तापीय संयंत्रों में यूनिट बंद होने से प्रदेश की बिजली व्यवस्था पर असर पड़ा था।
बिजली विभाग में संविदा कर्मचारियों की छंटनी को लेकर विरोध भी बढ़ रहा है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि कम स्टाफ होने से फॉल्ट सुधार और लाइन मेंटेनेंस प्रभावित हो रहे हैं, जिससे संकट और गहरा गया।
इस बीच मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने अधिकारियों के साथ बैठक कर बिजली उत्पादन बढ़ाने, मॉनीटरिंग तेज करने और जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए हैं।
