Lucknow News: अस्पताल वैध या अवैध…. अफसर खुद नहीं बता पाएंगे
राजधानी में निजी अस्पतालों की वैधता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
कई अस्पताल बिना मानकों के संचालित हो रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अफसर खुद यह स्पष्ट नहीं कर पा रहे कि कौन-सा अस्पताल वैध है और कौन अवैध।
हालात ऐसे हैं कि शिकायत या छापेमारी के बाद ही विभाग को अस्पतालों की वास्तविक स्थिति पता चल रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, कई अस्पताल बिना पंजीकरण, मानकों और जरूरी सुविधाओं के चल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड और जमीनी हकीकत में भारी अंतर सामने आया है।
कुछ मामलों में अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई के बावजूद संचालन जारी रहने के आरोप भी लगे हैं।
हाल के महीनों में प्रदेश में अवैध अस्पतालों और मेडिकल गड़बड़ियों के कई मामले सामने आए हैं।
कानपुर के चर्चित किडनी रैकेट मामले में भी जांच के दौरान ऐसे अस्पतालों का खुलासा हुआ, जिनके पास वैध पंजीकरण तक नहीं था। जांच के बाद 50 से ज्यादा अस्पतालों को रडार पर लिया गया।
इस पूरे मुद्दे ने स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था और अस्पतालों की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
