भर्ती में खेल: फर्जी डॉर्क रूम सहायकों ने छोड़ा अस्पताल, महानिदेशालय से सीएमओ ऑफिस तक की मिलीभगत का अंदेशा
उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में भर्ती प्रक्रिया को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है।
“डॉर्क रूम सहायक” (Dark Room Assistant) पदों पर कथित फर्जी भर्ती का मामला उजागर होने के बाद कई नियुक्त कर्मचारी अस्पताल छोड़कर गायब हो गए हैं। शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि इस पूरे मामले में केवल स्थानीय स्तर ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य महानिदेशालय से लेकर सीएमओ कार्यालय तक की मिलीभगत हो सकती है।
मामले की मुख्य बातें:कई ऐसे लोगों की नियुक्ति हुई जिनके प्रमाणपत्र और चयन प्रक्रिया पर सवाल उठे।जांच शुरू होते ही कुछ नियुक्त कर्मचारी अस्पतालों में आना बंद कर दिए।
दस्तावेजों के सत्यापन में गड़बड़ियां मिलने की बात सामने आई है।विभागीय अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई जा रही है।भर्ती प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी और फर्जीवाड़े की आशंका जताई गई है।
सूत्रों के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग अब नियुक्तियों से जुड़े रिकॉर्ड, चयन सूची और प्रमाणपत्रों की दोबारा जांच करवा सकता है।
यदि आरोप सही पाए गए तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई संभव है।
यह मामला सरकारी भर्तियों की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
