UP: पहली बार बड़ा मंगल और गंगा दशहरा का दुर्लभ संयोग, इस दिन दान का महत्व कई गुना बढ़ा; जानिए शुभ मुहूर्त
इस बार गंगा दशहरा और बड़ा मंगल का दुर्लभ संयोग बन रहा है। ज्येष्ठ माह में पड़ने वाला बड़ा मंगल और गंगा दशहरा एक ही दिन पड़ने से धार्मिक दृष्टि से इसे अत्यंत शुभ माना जा रहा है।
मान्यता है कि इस दिन स्नान, दान और पूजा-पाठ का फल कई गुना बढ़ जाता है।
क्या है विशेष संयोग?
हिंदू पंचांग के अनुसार गंगा दशहरा ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को मनाया जाता है। इसी दिन बड़ा मंगल पड़ने से हनुमान पूजा और मां गंगा आराधना का संयुक्त पुण्य प्राप्त होने की मान्यता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार:गंगा स्नान और जल दान विशेष फलदायी रहेगा।हनुमान मंदिरों में भंडारे और प्रसाद वितरण का महत्व बढ़ेगा।
गर्मी के मौसम में जल, शरबत, फल और वस्त्र दान को अत्यंत पुण्यकारी माना गया है।शुभ मुहूर्तगंगा दशहरा तिथि:दशमी तिथि प्रारंभ: 4 जून की रातदशमी तिथि समाप्त: 5 जून दोपहर (पंचांग अनुसार अलग-अलग समय संभव)उदयातिथि के आधार पर 5 जून को पर्व मनाया जाएगा।
इस दिन क्या करें?
सुबह स्नान के बाद सूर्य को जल अर्पित करें।संभव हो तो किसी नदी या गंगा घाट पर स्नान करें।हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करें।गरीबों को जल, छाता, वस्त्र, आम, खरबूजा और शीतल पेय का दान करें।
पीपल या बरगद के पेड़ के नीचे दीपक जलाना भी शुभ माना जाता है।दान का क्यों बढ़ जाता है
महत्व?
धार्मिक ग्रंथों में कहा गया है कि गंगा दशहरा पर किए गए दान से दस प्रकार के पापों का नाश होता है। वहीं बड़ा मंगल पर सेवा और अन्नदान को विशेष पुण्यदायी बताया गया है।
दोनों पर्व साथ होने से दान-पुण्य का फल कई गुना बढ़ने की मान्यता है।
