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​आगरा के विकास को मिलेगी नई उड़ान: जिला पंचायत अध्यक्ष ने CM योगी से मांगा 100 एकड़ का फार्मा पार्क और आलू पर MSP

लखनऊ/आगरा। उत्तर प्रदेश की ताजनगरी आगरा के औद्योगिक और कृषि परिदृश्य को बदलने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। आगरा की जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया ने सोमवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने आगरा की जनता और किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए एक 11 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।

फार्मा पार्क से खुलेगा रोजगार का रास्ता

​डॉ. मंजू भदौरिया ने मुख्यमंत्री को सुझाव दिया कि आगरा में 100 एकड़ भूमि पर एक अत्याधुनिक फार्मा पार्क स्थापित किया जाए। आगरा की भौगोलिक स्थिति और कनेक्टिविटी को देखते हुए यहाँ दवा उद्योग की अपार संभावनाएं हैं। यदि यह पार्क बनता है, तो न केवल स्थानीय युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा, बल्कि आगरा उत्तर प्रदेश के एक नए औद्योगिक हब के रूप में उभरेगा।

आलू किसानों के लिए ₹1500 MSP की मांग

​आगरा बेल्ट को ‘पोटैटो बाउल’ कहा जाता है, लेकिन यहाँ के किसान अक्सर सही मूल्य न मिलने से परेशान रहते हैं। डॉ. भदौरिया ने मुख्यमंत्री से मांग की कि आलू का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹1500 प्रति क्विंटल घोषित किया जाए। साथ ही, उन्होंने आलू निर्यात पर सब्सिडी देने और कोल्ड स्टोरेज के भारी-भरकम बिजली बिलों में राहत देने का भी अनुरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि यदि किसानों को लागत का उचित मूल्य मिलेगा, तो क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी।

पेयजल संकट और जल जीवन मिशन

​मुलाकात के दौरान डॉ. भदौरिया ने ग्रामीण क्षेत्रों में व्याप्त पेयजल संकट पर भी चिंता जताई। उन्होंने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि जल जीवन मिशन का कार्य अभी पूर्ण नहीं हुआ है, जिससे ग्रामीण प्यासे हैं। उन्होंने मांग की कि जब तक योजना पूरी नहीं होती, तब तक जिला पंचायत को वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर सोलरयुक्त जल मीनारें स्थापित करने की विशेष अनुमति दी जाए।

बुनियादी ढांचे और शिक्षा पर जोर

​ज्ञापन में क्षेत्र के विकास से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण बिंदु भी शामिल थे:

  • शमशाबाद पॉलिटेक्निक: शमशाबाद के कौलारा कलां में वर्षों से बनकर तैयार पॉलिटेक्निक कॉलेज भवन में जल्द कक्षाएं शुरू करने की मांग की गई।
  • सिंचाई और बांध: फतेहाबाद के रेहावली गांव के पास उटंगन नदी पर स्लूस गेट युक्त बांध बनाने और ऐतिहासिक तेरहमोरी व खानुआ बांध के जीर्णोद्धार का प्रस्ताव रखा गया।
  • कनेक्टिविटी: शमशाबाद-फतेहाबाद मार्ग के चौड़ीकरण और नए पशु चिकित्सालयों की स्थापना की जरूरत बताई गई।

यमुना सफाई और बैराज निर्माण

​आगरा की जीवनदायिनी यमुना नदी की सफाई और प्रस्तावित बैराज के निर्माण का मुद्दा भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया। जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि बैराज बनने से शहर का जलस्तर सुधरेगा और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री का आश्वासन:

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और संबंधित विभागों को इन प्रस्तावों पर प्रभावी और त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। पूर्व विधायक डॉ. राजेंद्र सिंह की मौजूदगी में हुई इस वार्ता को आगरा के भविष्य के लिए बेहद सकारात्मक माना जा रहा है।

निष्कर्ष (Conclusion)

​अगर सरकार इन मांगों को स्वीकार करती है, तो आगरा केवल पर्यटन के लिए ही नहीं, बल्कि फार्मा उद्योग और कृषि निर्यात के क्षेत्र में भी देश के मानचित्र पर अपनी चमक बिखेरेगा।

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