लखनऊ

बरेली समाचार: नवाबगंज में सरकारी धन का बंदरबांट, 35 स्वयं सहायता समूहों को वसूली का नोटिस जारी

बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद के नवाबगंज विकास खंड में सरकारी धन के दुरुपयोग और नियमों की अनदेखी का एक बड़ा मामला सामने आया है। तत्कालीन ब्लॉक मिशन मैनेजर (BMS) अमित कुमार द्वारा स्वयं सहायता समूहों (SHG) के खातों में करोड़ों रुपये की हेराफेरी करने के आरोप में प्राथमिकी (FIR) दर्ज होने के बाद अब प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। इस मामले में संलिप्त 35 स्वयं सहायता समूहों के संचालकों को नोटिस जारी कर सरकारी पैसा वापस करने का आदेश दिया गया है।

क्या है पूरा मामला?

​मामला वर्ष 2021 और 2022 के बीच का है, जब अमित कुमार नवाबगंज ब्लॉक में मिशन मैनेजर के पद पर तैनात थे। नियमों के अनुसार, प्रत्येक स्वयं सहायता समूह को ‘सामुदायिक निवेश निधि’ (CIF) के तहत अधिकतम 1.10 लाख रुपये आवंटित किए जाने चाहिए थे। लेकिन, जांच में यह पाया गया कि अमित कुमार ने पद का दुरुपयोग करते हुए 35 समूहों के खातों में कुल 35.50 लाख रुपये के स्थान पर लगभग 1.6 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए।

​इस प्रकार, सरकारी खजाने से लगभग 67.79 लाख रुपये की अतिरिक्त धनराशि गलत तरीके से वितरित की गई। जैसे ही यह वित्तीय अनियमितता शासन के संज्ञान में आई, आरोपी कर्मचारी को पद से हटा दिया गया और मामले की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी गई।

प्रशासनिक कार्रवाई और FIR

​मुख्य विकास अधिकारी (CDO) देवयानी ने इस गंभीर वित्तीय चूक की जांच के आदेश दिए थे। जांच रिपोर्ट में अमित कुमार की लापरवाही और संदिग्ध भूमिका स्पष्ट होने के बाद, खंड विकास अधिकारी (BDO) महेशचंद्र शाक्य ने नवाबगंज थाने में आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस अब आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।

35 समूहों को नोटिस और 12 लाख की वसूली

​प्रशासन केवल आरोपी कर्मचारी पर ही नहीं, बल्कि उन समूहों पर भी नकेल कस रहा है जिनके खातों में अतिरिक्त पैसा भेजा गया था। खंड विकास अधिकारी ने बताया कि 35 स्वयं सहायता समूहों के संचालकों को आधिकारिक नोटिस भेजकर बकाया धनराशि तत्काल जमा करने को कहा गया है।

​अब तक की कार्रवाई में प्रशासन को सफलता मिली है और समूहों से 12 लाख रुपये की वसूली की जा चुकी है। शेष धनराशि की रिकवरी के लिए टीम लगातार काम कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि समूह स्वेच्छा से पैसा वापस नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ भी विधिक कार्रवाई की जा सकती है।

पुलिस की तलाश तेज

​नवाबगंज पुलिस की एक टीम निरीक्षक अरुण श्रीवास्तव के नेतृत्व में आरोपी अमित कुमार की तलाश में जुटी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी के संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। सीडीओ देवयानी ने स्पष्ट किया है कि सरकारी धन की पाई-पाई वसूली जाएगी और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

निष्कर्ष

​यह मामला ग्रामीण विकास योजनाओं में होने वाली पारदर्शिता की कमी को दर्शाता है। समूहों को सशक्त बनाने के लिए आने वाला पैसा तकनीकी खामियों या मिलीभगत के कारण गलत हाथों में चला गया। अब प्रशासन की मुस्तैदी से यह उम्मीद जगी है कि सरकारी राजस्व की पूरी भरपाई हो सकेगी।

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