Bhadohi News: भदोही में खौफनाक वारदात, प्रधान के घर गए मजदूर को पेट्रोल डालकर फूँका; 80% झुलसी हालत में वाराणसी रेफर
भदोही: उत्तर प्रदेश के भदोही जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। ज्ञानपुर कोतवाली क्षेत्र के पीपर गांव में एक मजदूर को कथित तौर पर पेट्रोल डालकर आग के हवाले कर दिया गया। पीड़ित मजदूर का आरोप है कि ग्राम प्रधान के बेटे ने कहासुनी के बाद इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। वर्तमान में 80 फीसदी झुलसे मजदूर की हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है और उसे बेहतर इलाज के लिए वाराणसी ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है।
हैंडपंप का पाइप मांगने गया था मजदूर
जानकारी के अनुसार, पीपरगांव निवासी जैसलाल सरोज मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनके घर के सामने लगा सरकारी हैंडपंप खराब था, जिसे ठीक कराने के लिए वह कई दिनों से ग्राम प्रधान रामनायक यादव से गुहार लगा रहे थे। सोमवार की सुबह प्रधान ने उन्हें हैंडपंप का पाइप देने के बहाने अपने घर बुलाया था।
मजदूर के बेटे संतोष के अनुसार, प्रधान के घर पर पाइप लेने के दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद इतना बढ़ा कि प्रधान के बेटे कमलेश ने गुस्से में आकर घर में रखा पेट्रोल जैसलाल पर डाल दिया और माचिस जलाकर उन्हें आग के हवाले कर दिया।
चीख-पुकार सुन दौड़े ग्रामीण, पुलिस ने आरोपी को दबोचा
मजदूर की चीखें सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुँचे और कंबल डालकर किसी तरह आग बुझाई। घायल जैसलाल को तत्काल महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद वाराणसी रेफर कर दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी कमलेश को हिरासत में ले लिया है।
प्रधान ने दी सफाई: “मजदूर ने खुद को लगाई आग”
मामले के तूल पकड़ने पर ग्राम प्रधान रामनायक यादव ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि मजदूर ने विवाद के बाद आवेश में आकर खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह की कोशिश की है। हालांकि, पीड़ित के बेटे का सवाल है कि उनके पिता को प्रधान के घर के भीतर पेट्रोल कहाँ रखा है, यह कैसे पता चल सकता था? पुलिस अब इस “कत्ल की कोशिश” और “आत्मदाह” के दावों के बीच की सच्चाई का पता लगा रही है।
इलाके में तनाव: प्रधान परिवारों की दबंगई पर सवाल
भदोही में पिछले कुछ महीनों में ग्राम प्रधानों या उनके परिजनों द्वारा दबंगई के कई मामले सामने आए हैं। तीन माह पूर्व घसकरी गांव में भी एक समाजसेवी की कार से कुचलकर हत्या का मामला चर्चित रहा था। पीपर गांव की इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में सत्ता और रसूख के दुरुपयोग पर बहस छेड़ दी है।
पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक का बयान:
”मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। घटना के हर पहलू, चाहे वह रंजिश हो या विवाद, की गहनता से जांच की जा रही है।”