मंदुरी एयरपोर्ट विस्तार: 1000 की जगह अब 160 घर आएंगे अधिग्रहण की जद में, नई सर्वे रिपोर्ट शासन को भेजी गई:-
खबर का सार:-
मंदुरी एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया फिर से तेज हो गई है। पहले सर्वे में जहां 1000 से अधिक घर अधिग्रहण की जद में आ रहे थे, वहीं नए सर्वे में यह संख्या घटकर 160 रह गई है। जिला प्रशासन ने संशोधित रिपोर्ट शासन को भेज दी है। जल्द ही एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) की तकनीकी टीम आजमगढ़ पहुंचकर स्थल निरीक्षण करेगी।
विस्तृत खबर :-
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में स्थित मंदुरी एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित करने की योजना वर्ष 2022 में शुरू हुई थी। शुरुआती सर्वे रिपोर्ट में करीब 1000 से अधिक मकानों के अधिग्रहण की बात सामने आई थी। इस सूचना के बाद प्रभावित गांवों के किसानों और ग्रामीणों ने तीव्र विरोध दर्ज कराया। खिरिया बाग में धरना-प्रदर्शन शुरू हुआ और किसान नेताओं ने आंदोलन को व्यापक रूप दिया। बढ़ते विरोध को देखते हुए शासन ने विस्तार की प्रक्रिया अस्थायी रूप से रोक दी थी।
शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने दोबारा सर्वे कराया। इस बार विशेष रूप से यह ध्यान रखा गया कि अधिक से अधिक आबादी और गांवों को बचाया जा सके। फोरलेन सड़क और रिहायशी इलाकों को सुरक्षित रखते हुए सीमांकन किया गया। संशोधित सर्वे रिपोर्ट में अब केवल 160 घर ही अधिग्रहण की जद में पाए गए हैं। प्रशासन ने यह रिपोर्ट शासन को प्रेषित कर दी है।
मुख्य राजस्व अधिकारी संजीव ओझा के अनुसार, शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि पुराने सर्वे की कमियों को दूर किया जाए और वैकल्पिक योजना तैयार की जाए। नई रिपोर्ट उसी आधार पर बनाई गई है। अब एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की तकनीकी टीम जिले में आकर स्थल का विस्तृत निरीक्षण करेगी और अंतिम रिपोर्ट तैयार करेगी।
17 माह बाद बंद हुई उड़ान सेवा:-
मंदुरी एयरपोर्ट पर रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत 11 मार्च 2024 को 19 सीटर विमान सेवा शुरू की गई थी। यह सेवा लगभग 17 महीनों तक संचालित रही। अगस्त 2025 में लखनऊ में निर्माण कार्य का हवाला देते हुए उड़ान सेवा बंद कर दी गई। तब से अब तक यहां से नियमित उड़ान दोबारा शुरू नहीं हो सकी है।
सरकार की योजना है कि मंदुरी एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाए, जिससे पूर्वांचल क्षेत्र को सीधी अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी मिल सके। यदि विस्तार कार्य सफलतापूर्वक पूरा होता है, तो इससे क्षेत्र के व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होने की उम्मीद है।
हालांकि, प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मुआवजे को लेकर प्रशासन को संवेदनशीलता बरतनी होगी। अब सबकी नजर एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की तकनीकी टीम की आगामी रिपोर्ट पर टिकी है, जिसके बाद परियोजना की दिशा और समयसीमा स्पष्ट होगी।