लखनऊ

यूपी विधानसभा में बजट पर घमासान: सोमवार से शुरू होगी चर्चा, विपक्ष के तीखे तेवरों के बीच CM संभालेंगे मोर्चा:-

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र का अगला चरण सोमवार से शुरू होने जा रहा है। 12 फरवरी को पेश किए गए वित्त वर्ष 2026-27 के भारी-भरकम बजट पर अब सदन में विस्तार से चर्चा होगी। इस चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष जहाँ अपनी उपलब्धियां गिनाएगा, वहीं विपक्ष ने सरकार को घेरने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने बजट पर बोलने के लिए विधायकों का समय निर्धारित कर दिया है।

9.12 लाख करोड़ के बजट पर होगी वोटिंग

​वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना द्वारा पेश किए गए 9.12 लाख करोड़ रुपये के बजट पर शुक्रवार तक चर्चा चलने की उम्मीद है। इस प्रक्रिया के अंत में दलीय नेताओं और नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के संबोधन होंगे। सत्र के अंतिम दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सदन में चर्चा का जवाब देंगे, जिसके बाद बजट अनुदानों की मांगों पर विचार और मतदान (Voting) होगा। शुक्रवार को ही सदन से बजट पारित कराया जाएगा।

कांग्रेस का ‘विधानसभा घेराव’ और किसान आंदोलन

​उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने सरकार के खिलाफ बड़े आंदोलन का एलान किया है। उन्होंने बताया कि 17 फरवरी को कांग्रेस कार्यकर्ता किसानों के उत्पीड़न और भाजपा सरकार की नीतियों के विरोध में विधानसभा का घेराव करेंगे।

मुख्य मुद्दे:

  • किसान अधिकार गांव संवाद: कांग्रेस पदाधिकारी गांवों में जाकर 50-50 किसानों के समूह बनाकर उन्हें भाजपा की नीतियों के प्रति आगाह करेंगे।
  • आस्था का अपमान: अजय राय ने मुख्यमंत्री पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरनंद के चयन पर सवाल उठाकर हिंदुओं की आस्था को ठेस पहुँचाने का आरोप लगाया है।
  • वाराणसी का मुद्दा: कांग्रेस ने वाराणसी के घाटों के सौंदर्यीकरण के नाम पर उन्हें उजाड़ने का गंभीर आरोप लगाया है।

सपा का ‘SIR’ नोटिस पर हमला

​समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मतदाता सूचियों और ‘SIR’ (Special Inquiry Report) के बहाने समर्थकों को परेशान करने का मुद्दा उठाया है। सपा का आरोप है कि लगभग 2.22 करोड़ मतदाताओं को तार्किक विसंगतियों के नाम पर नोटिस दिए गए हैं।

​अखिलेश यादव ने अपने पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे उन अधिकारियों की पहचान करें जो दस्तावेज देने के बावजूद नोटिस खत्म नहीं कर रहे हैं। सपा इस मामले को चुनाव आयोग ले जाने और जरूरत पड़ने पर अदालत का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में है। पार्टी का मानना है कि यह विशेष रूप से अल्पसंख्यक और सपा समर्थक मतदाताओं को टारगेट करने की कोशिश है।

हंगामेदार रहने के आसार

​विधानसभा में इस बार केवल बजट ही नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था, किसान मुद्दे और धार्मिक विवादों की भी गूंज सुनाई देगी। विपक्षी दल बजट की खामियों को उजागर करने के साथ-साथ सड़कों पर भी प्रदर्शन की योजना बना रहे हैं। दूसरी ओर, सत्ता पक्ष विकास कार्यों और कानून व्यवस्था के आंकड़ों के साथ विपक्ष के हर हमले का जवाब देने के लिए तैयार है।

निष्कर्ष:

सोमवार से शुरू होने वाली यह चर्चा उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह देखना दिलचस्प होगा कि सीएम योगी आदित्यनाथ विपक्ष के आरोपों का किस तरह जवाब देते हैं और 9.12 लाख करोड़ के इस बजट को लेकर जनता के बीच क्या संदेश जाता है।

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