UP: दोनों डिप्टी सीएम की फ्लाइट में आई तकनीकी खराबी, रनवे से वापस लौटा विमान; एक घंटे की देरी से हुए रवाना
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय (अमौसी) एयरपोर्ट पर सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब उत्तर प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री— केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक की फ्लाइट में तकनीकी खराबी आ गई। इस खराबी के कारण विमान को उड़ान भरने से ठीक पहले रनवे से वापस एप्रन पर लाना पड़ा। इस तकनीकी खामी की वजह से दोनों उपमुख्यमंत्री और अन्य यात्री करीब एक घंटे तक विमान के अंदर ही फंसे रहे।
उड़ान भरने से ठीक पहले पता चली खराबी
मिली जानकारी के अनुसार, इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E-505 सोमवार सुबह अपने निर्धारित समय के अनुसार लखनऊ से कोलकाता के लिए रवाना होने वाली थी। विमान में यूपी के दोनों डिप्टी सीएम सवार थे और बोर्डिंग की प्रक्रिया समय से पूरी कर ली गई थी।
जैसे ही पायलट ने विमान को रनवे की ओर बढ़ाना शुरू किया, उसे कुछ तकनीकी गड़बड़ी का अहसास हुआ। पायलट ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को इसकी सूचना दी और ग्राउंड स्टाफ से मदद मांगी। सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए विमान को बीच रास्ते से ही वापस एप्रन (विमान खड़े करने की जगह) पर लाया गया।
इंजीनियरों ने दुरुस्त की खामी
विमान के एप्रन पर वापस आने के बाद तकनीकी विशेषज्ञों और इंजीनियरों की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। जांच के दौरान विमान में आई गड़बड़ी का पता लगाया गया और उसे ठीक करने का काम शुरू हुआ। इस पूरी प्रक्रिया में लगभग एक घंटे का समय लगा। इस दौरान डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक विमान के भीतर ही बैठे रहे और इंजीनियरों द्वारा क्लीयरेंस मिलने का इंतज़ार किया।
एक घंटा देरी से हुई लैंडिंग
इंजीनियरों द्वारा तकनीकी खराबी को पूरी तरह ठीक करने के बाद ही विमान को दोबारा उड़ान भरने की अनुमति दी गई।
- निर्धारित समय: सुबह 07:40 बजे
- वास्तविक रवानगी: सुबह 08:43 बजे
- कोलकाता लैंडिंग: सुबह 10:21 बजे
राहत की बात यह रही कि समय रहते खराबी का पता चल गया और इंजीनियरों ने उसे दुरुस्त कर दिया, जिसके बाद फ्लाइट ने सुरक्षित रूप से कोलकाता में लैंड किया।
यात्रियों को हुई असुविधा
हालांकि इस घटना में किसी भी प्रकार का कोई बड़ा खतरा नहीं था, लेकिन फ्लाइट में सवार यात्रियों को करीब एक घंटे की देरी का सामना करना पड़ा। वीवीआईपी मूवमेंट होने के कारण एयरपोर्ट प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां भी पूरी तरह मुस्तैद रहीं।
निष्कर्ष:
हवाई यात्रा के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए पायलट की सूझबूझ से एक बड़ी असुविधा को टाला गया। तकनीकी जांच के बाद दोनों उपमुख्यमंत्री सुरक्षित अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गए।