लखनऊ

UP Police Reshuffle: होली के बाद यूपी पुलिस में बड़ी सर्जरी, 3 डीजी होंगे रिटायर; कई जिलों के कप्तान भी बदलेंगे:-

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पुलिस महकमे में इस साल होली के ठीक बाद एक व्यापक प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिल सकता है। शासन स्तर पर इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बदलाव की मुख्य वजह पुलिस विभाग के शीर्ष स्तर पर मौजूद तीन महानिदेशक (DG) रैंक के अधिकारियों का सेवानिवृत्त होना है। उनके जाने के बाद रिक्त होने वाले पदों पर नई नियुक्तियां और पदोन्नति की जाएगी, जिसका असर मुख्यालय से लेकर जिलों की कप्तानी तक पड़ेगा।

तीन दिग्गज डीजी हो रहे हैं रिटायर

​अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी 2026 को उत्तर प्रदेश पुलिस के तीन वरिष्ठ अधिकारी अपनी सेवा से निवृत्त हो रहे हैं। इनमें शामिल हैं:

  1. संदीप सांलुके: वर्तमान में डीजी मानवाधिकार के पद पर तैनात हैं।
  2. एमके बशाल: डीजी होमगार्ड की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
  3. दीपेश जुनेजा: डीजी अभियोजन (Prosecution) के पद पर कार्यरत हैं।

​इन तीन वरिष्ठ अधिकारियों के एक साथ रिटायर होने से विभाग के शीर्ष ढांचे में खालीपन आएगा, जिसे भरने के लिए शासन ने पदोन्नति की प्रक्रिया तेज कर दी है।

एडीजी से डीजी बनेंगे ये अफसर

​रिक्त पदों को भरने के लिए 1 मार्च को तीन वर्तमान अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) रैंक के अधिकारियों को डीजी के पद पर पदोन्नत किया जाएगा। इस सूची में शामिल प्रमुख नाम हैं:

  • प्रकाश डी.: वर्तमान एडीजी रेलवे।
  • एलवी एंटनी देव कुमार: वर्तमान एडीजी रूल्स एंड मैनुअल।
  • जय नारायन सिंह: वर्तमान एडीजी पावर कारपोरेशन।

​इन अधिकारियों की पदोन्नति के साथ ही विभाग में नई ऊर्जा का संचार होगा और महत्वपूर्ण विभागों को नए मुखिया मिलेंगे।

अप्रैल में भी जारी रहेगा बदलाव का सिलसिला

​फेरबदल का यह दौर सिर्फ फरवरी-मार्च तक सीमित नहीं रहेगा। आगामी 30 अप्रैल को डीजी यूपी 112 और ईओडब्ल्यू (EOW) की जिम्मेदारी संभाल रहीं नीरा रावत भी सेवानिवृत्त हो जाएंगी। उनके रिटायरमेंट के बाद कानपुर जोन के वर्तमान एडीजी आलोक सिंह के डीजी पद पर प्रोन्नत होने की प्रबल संभावना है, बशर्ते इस बीच कोई वरिष्ठ अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस न लौटे।

सिर्फ मुख्यालय ही नहीं, जिलों में भी बदलेंगे समीकरण

​सूत्रों का मानना है कि होली के बाद होने वाला यह फेरबदल केवल डीजी रैंक तक सीमित नहीं रहेगा। वरिष्ठ अधिकारियों के पद खाली होने और नई नियुक्तियों के कारण एडीजी, आईजी (IG), डीआईजी (DIG) और यहां तक कि कई जिलों के एसपी (SP) और एसएसपी (SSP) के तबादले भी किए जा सकते हैं। विशेष रूप से उन जिलों पर नजर है जहाँ अधिकारियों का कार्यकाल लंबा हो चुका है या जहाँ कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर नई चुनौतियों से निपटने के लिए युवा और ऊर्जावान कप्तानों की जरूरत है।

प्रशासनिक दृष्टिकोण और रणनीतिक बदलाव

​उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में पुलिसिंग को दुरुस्त रखने के लिए इस तरह के बदलाव अनिवार्य माने जाते हैं। होली के त्योहार के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता होती है, इसलिए बड़े तबादलों को अक्सर त्योहार के बाद के लिए सुरक्षित रखा जाता है। शासन की मंशा है कि रिक्त पदों को जल्द भरकर प्रशासनिक कार्यकुशलता को बढ़ाया जाए ताकि आगामी चुनौतियों और योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू किया जा सके।

​इस फेरबदल से न केवल पुलिस मुख्यालय के कार्य करने का तरीका बदलेगा, बल्कि फील्ड में तैनात अधिकारियों के मनोबल और कार्यशैली पर भी इसका व्यापक प्रभाव पड़ेगा।

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