UP Weather Update: यूपी में गर्मी ने दी समय से पहले दस्तक, पारा 30°C के पार; अब इन जिलों में बारिश का अलर्ट जारी
उत्तर प्रदेश में मौसम के मिजाज में अचानक आए बदलाव ने सबको हैरान कर दिया है। फरवरी के महीने में ही मार्च और अप्रैल जैसी तपिश महसूस होने लगी है। जहाँ एक ओर प्रदेश के कई बड़े शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस की रेखा को पार कर गया है, वहीं दूसरी ओर एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से कुछ जिलों में बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है।
फरवरी में ‘मार्च’ जैसी गर्मी: आगरा रहा सबसे गर्म
उत्तर प्रदेश में सर्दी अब पूरी तरह विदाई की ओर है। बीते कुछ दिनों से खिली तेज धूप ने दिन के तापमान में जबरदस्त बढ़ोतरी की है। सोमवार को रिकॉर्ड किए गए आंकड़ों के अनुसार, आगरा 32.2 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। इसके अलावा अन्य शहरों का हाल कुछ ऐसा रहा:
- प्रयागराज: 31.6 डिग्री सेल्सियस
- बांदा: 31.4 डिग्री सेल्सियस
- लखनऊ (राजधानी): 28.9 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 2 डिग्री अधिक)
दोपहर के समय धूप इतनी तेज हो रही है कि लोगों को अब गर्म कपड़े बोझिल लगने लगे हैं और पसीने का एहसास होने लगा है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर: बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के अनुसार, एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसका असर 18 फरवरी (बुधवार) से देखने को मिलेगा। इस कारण उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम करवट लेगा।
इन इलाकों में अलर्ट:
- पश्चिमी यूपी: आगरा और दिल्ली से सटे जिलों में बादल छाए रहेंगे।
- बुंदेलखंड क्षेत्र: यहाँ हल्की बूंदाबांदी और तेज हवाओं की संभावना है।
- हवा की रफ्तार: मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इन क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, बादलों की आवाजाही के कारण रात के तापमान में भी 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है, जिससे रातें भी अब उतनी ठंडी नहीं रहेंगी।
राजधानी लखनऊ का हाल
लखनऊ में भी सर्दी की विदाई के साफ संकेत मिल रहे हैं। सोमवार को न्यूनतम तापमान 12.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो पिछले दिनों के मुकाबले काफी अधिक है। अगले 48 घंटों में यहाँ बादलों की आवाजाही तो रहेगी, लेकिन बारिश की संभावना कम है। हालांकि, उमस और तापमान बढ़ने से लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
कृषि और स्वास्थ्य पर असर
समय से पहले बढ़ते तापमान का असर फसलों, विशेषकर गेहूं की फसल पर पड़ सकता है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि अगर गर्मी इसी तरह बढ़ती रही, तो दानों के पकने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। वहीं, बदलते मौसम के कारण सर्दी-खांसी और वायरल बुखार के मामलों में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश में इस साल गर्मी ने समय से पहले दस्तक दे दी है। हालांकि, बुधवार को होने वाली छिटपुट बारिश से तापमान में मामूली गिरावट आ सकती है, लेकिन यह राहत अस्थायी होगी। आने वाले दिनों में पारा और चढ़ने के आसार हैं।