कानपुर के छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) में अब छात्रों के लिए एक नया विकल्प खुल गया है—बीए (जैन दर्शन)।
क्या है पूरा मामला? विश्वविद्यालय के आचार्य विद्यासागर–सुधासागर जैन शोध पीठ में सत्र 2026–27 से पहली बार BA (जैन दर्शन) कोर्स शुरू किया गया है। Amar Ujalaइस कोर्स में अभी सिर्फ 10 सीटें निर्धारित हैं। Amar Ujalaसाथ ही यहाँ पहले से:एमए (जैन दर्शन/प्राकृत) – 30-30 सीटडिप्लोमा – 50-50 सीटजैसे कोर्स भी चल रहे हैं। Amar Ujala📖 क्या पढ़ाया जाएगा?जैन दर्शन के साथ प्राकृत भाषा का गहन अध्ययनब्राह्मी और शारदा लिपि जैसी प्राचीन लिपियों का ज्ञानपांडुलिपियों के संरक्षण और संपादन की तकनीक Amar Ujala🎯 करियर के मौकेइस कोर्स के बाद छात्र:शिक्षकशोधकर्तापांडुलिपि संरक्षकइतिहास/पुरातत्व क्षेत्र में विशेषज्ञबन सकते हैं। Amar Ujala💡 खास बातप्राकृत भाषा को हाल ही में शास्त्रीय भाषा का दर्जा मिलने से इस क्षेत्र में करियर अवसर बढ़ने की उम्मीद है। Amar Ujalaविश्वविद्यालय UGC-NET की तैयारी भी कराएगा। 👉 कुल मिलाकर, यह कोर्स उन छात्रों के लिए खास है जो भारतीय दर्शन, इतिहास और प्राचीन ज्ञान परंपरा में करियर बनाना चाहते हैं। अगर चाहो तो मैं बता सकता हूँ कि इस कोर्स में एडमिशन कैसे लें या किन छात्रों के लिए यह सबसे बेहतर रहेगा।
