देह व्यापार: ‘नई गड्डी’, ‘फ्रेश मोमो’ और ‘रजनीगंधा’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर रहे एजेंट, ऐसे चल रहा खेल
देह व्यापार के नेटवर्क में अब सीधे शब्दों की बजाय कोड वर्ड का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है, ताकि पुलिस या बाहरी लोगों को तुरंत समझ न आए। “नई गड्डी”, “फ्रेश मोमो” और “रजनीगंधा” जैसे शब्द इसी तरह के संकेत (कोड) माने जाते हैं,
जिनका असली मतलब अलग-अलग जगहों पर थोड़ा बदल सकता है, लेकिन आम तौर पर इनका इस्तेमाल “नई/कम उम्र की लड़की”, “नई आई महिला” या “स्पेशल सर्विस” जैसे संदर्भों में किया जाता है।ऐसे चलता है पूरा खेलकोड भाषा में बातचीतएजेंट व्हाट्सऐप, टेलीग्राम या कॉल पर सीधे शब्दों की जगह ऐसे कोड वर्ड इस्तेमाल करते हैं।
इससे चैट पकड़ में आने पर भी तुरंत सबूत स्पष्ट नहीं होता।सोशल मीडिया और ऐप्स का इस्तेमालइंस्टाग्राम, फेसबुक या मैसेजिंग ऐप्स पर फेक प्रोफाइल बनाकर “मॉडल”, “मसाज सर्विस” या “इवेंट होस्टेस” के नाम पर संपर्क किया जाता है।लोकेशन बार-बार बदलनाहोटल, गेस्ट हाउस या किराए के फ्लैट बार-बार बदले जाते हैं, ताकि रेड या निगरानी से बचा जा सके।
मध्यस्थ (एजेंट) का नेटवर्कग्राहक और महिला/पीड़िता के बीच सीधे संपर्क कम ही होता है। एजेंट ही रेट तय करता है, जगह फिक्स करता है और पैसे का लेन-देन संभालता है।डिजिटल पेमेंट और नकद दोनोंकई बार UPI/ऑनलाइन पेमेंट का इस्तेमाल होता है, लेकिन पहचान छिपाने के लिए नकद लेन-देन भी जारी रहता है।
गंभीर पहलूइस तरह के नेटवर्क में अक्सर मानव तस्करी (Human Trafficking), जबरन शोषण और धोखाधड़ी जुड़ी होती है।कई मामलों में महिलाओं या नाबालिगों को लालच या दबाव में इस काम में धकेला जाता है।कानून के तहत यह संगठित अपराध है, जिस पर कड़ी कार्रवाई होती है।
अगर ऐसी गतिविधि दिखे तो क्या करेंस्थानीय पुलिस या महिला हेल्पलाइन (जैसे 1091) पर सूचना देंसाइबर प्लेटफॉर्म पर संदिग्ध अकाउंट/ग्रुप रिपोर्ट करेंखुद किसी तरह की “जांच” करने की कोशिश न करें
