कानपुर

​कानपुर ठगी का खुलासा: बहुराष्ट्रीय कंपनियों के पूर्व कर्मी निकले अंतरराष्ट्रीय ठग, 50 करोड़ के बंगले और BMW का था शौक

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में साइबर सेल और पुलिस ने एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसने सात समंदर पार बैठे विदेशी कारोबारियों को अपनी ठगी का शिकार बनाया। इस गिरोह का मास्टरमाइंड कोई मामूली अपराधी नहीं, बल्कि मल्टीनेशनल कंपनियों में काम कर चुका एक उच्च शिक्षित व्यक्ति है, जिसने ठगी की रकम से मुंबई में 50 करोड़ का साम्राज्य खड़ा कर लिया था।

वैध तरीके से तैयार होते थे फर्जी दस्तावेज

​पुलिस की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि यह गिरोह विदेशी कंपनियों को झांसे में लेने के लिए बेहद पेशेवर तरीका अपनाता था। आरोपियों ने पनकी औद्योगिक क्षेत्र (अपट्रॉन स्टेट) में फर्जी फर्में खोलने के लिए फर्जी आधार कार्ड, बिजली के बिल और जीएसटी नंबर का सहारा लिया। ये दस्तावेज देखने में पूरी तरह वैध लगते थे, जिससे चेक गणराज्य (Czech Republic) जैसे देशों के व्यापारियों को कभी शक नहीं हुआ।

​डीसीपी पश्चिम, एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि गिरोह ने नौबस्ता निवासी अरविंद यादव के नाम पर फर्जी पहचान पत्र तैयार किए थे। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर चेक गणराज्य के कारोबारी ‘गैंगेला’ की कंपनी से संपर्क साधा गया और करीब दो करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया गया।

म्यूल अकाउंट और ‘एक पते’ की गलती

​पनकी थाना प्रभारी मनोज सिंह भदौरिया के अनुसार, आरोपी ठगी की रकम मंगाने के लिए ‘म्यूल अकाउंट’ (दूसरों के नाम पर खुले खाते) का उपयोग करते थे। आमतौर पर विदेशी कारोबारी भारत में पुलिस शिकायत करने से बचते थे, लेकिन चेक गणराज्य के पीड़ित ने कानपुर पुलिस कमिश्नर को ईमेल भेज दिया, जिससे जांच की नींव पड़ी।

​हैरानी की बात यह है कि प्रोफेशनल तरीके से काम करने वाला यह गिरोह एक मामूली गलती की वजह से पकड़ा गया। आरोपियों ने एक सामान्य डिलीवरी के लिए अपने घर का असली पता दे दिया था। इसी एक सुराग का पीछा करते हुए पुलिस शातिरों के गिरेबान तक पहुंच गई।

झांसी का अमित है मास्टरमाइंड, फर्राटेदार अंग्रेजी बनी हथियार

​पुलिस के मुताबिक, इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड झांसी निवासी अमित ओम प्रकाश शर्मा है। अमित और उसका साथी आकाश कुमार पहले मल्टीनेशनल कंपनियों (MNCs) में बड़े पदों पर काम कर चुके हैं। उनका विदेश में काफी आना-जाना था और उनकी अंग्रेजी व अन्य विदेशी भाषाओं पर जबरदस्त पकड़ थी। वे विदेशी क्लाइंट्स से किसी कॉर्पोरेट प्रोफेशनल की तरह डील करते थे, जिससे कोई उन पर संदेह नहीं कर पाता था।

शाही शौक: 50 करोड़ का बंगला और 100 ऑटो का बेड़ा

​साइबर सेल प्रभारी शुभम यादव ने बताया कि अमित शर्मा ने ठगी की काली कमाई से मुंबई में 50 करोड़ रुपये से अधिक की कीमत का आलीशान बंगला खरीदा है। गिरोह के सदस्यों के पास बीएमडब्ल्यू (BMW) और अन्य महंगी कारों का काफिला है। इतना ही नहीं, निवेश के तौर पर एक आरोपी ने 100 ऑटो रिक्शा खरीद रखे थे, जिन्हें वह किराये पर चलवा रहा था।

पुलिस की आगे की कार्रवाई

​फिलहाल पुलिस अरविंद यादव और रामकुमार राय जैसे फर्जी नामों के पीछे छिपे असली किरदारों की तलाश कर रही है। शुक्रवार को साइबर सेल की टीम के वापस आने के बाद इस गिरोह के अन्य अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और बैंक खातों की विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

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