UP Board 2026: उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन पर सख्त निर्देश, सचिव भगवती सिंह ने जारी किया ‘जीरो एरर’ प्लान
प्रयागराज: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर अपनी कमर कस ली है। बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि मूल्यांकन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की चूक या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस बार बोर्ड का मुख्य लक्ष्य ‘त्रुटिरहित मूल्यांकन’ सुनिश्चित करना है।
मूल्यांकन केंद्रों के लिए कड़े दिशा-निर्देश
सचिव भगवती सिंह ने उप नियंत्रकों और मूल्यांकन केंद्र प्रभारियों को निर्देशित किया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि किसी भी छात्र की उत्तर पुस्तिका का कोई भी हिस्सा ‘अन-इवैल्यूएटेड’ (अमूल्यांकित) न रहे। निर्देशों के अनुसार:
- परीक्षकों को पूरी सजगता और जिम्मेदारी के साथ कॉपियां जांचनी होंगी।
- उप प्रधान परीक्षक और परीक्षक मूल्यांकन से पहले सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर लें।
- यदि कोई परीक्षक अनुपस्थित रहता है, तो उप नियंत्रक अपनी मर्जी से नियुक्ति नहीं कर पाएंगे; केवल परिषद की प्रतीक्षा सूची से ही शिक्षकों की तैनाती होगी।
18 मार्च से शुरू होगा कॉपियों का जांच कार्य
शिक्षक संगठनों के विरोध के बावजूद, बोर्ड ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है। प्रदेश भर के 249 केंद्रों पर मूल्यांकन कार्य 18 मार्च 2026 से शुरू होगा, जो 1 अप्रैल तक चलेगा। इसके लिए परीक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया अंतिम चरण में है। प्रयागराज सहित सभी जिलों में इसके लिए विशेष निगरानी तंत्र बनाया गया है।
छात्रों के हित में बड़े फैसले: स्टेप मार्किंग और लेफ्ट पेज चेकिंग
बोर्ड ने इस बार परीक्षार्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए कुछ महत्वपूर्ण बिंदु स्पष्ट किए हैं:
- स्टेप मार्किंग: गणित और विज्ञान जैसे विषयों में ‘स्टेप मार्किंग’ (Step Marking) लागू की जाएगी। यानी अगर पूरा उत्तर सही नहीं भी है, तो हल किए गए चरणों के आधार पर अंक दिए जाएंगे।
- बाएं पृष्ठ का मूल्यांकन: अक्सर छात्र रफ कार्य या जल्दबाजी में बाएं पृष्ठ (Left Page) पर भी उत्तर लिख देते हैं। सचिव ने निर्देश दिया है कि यदि उत्तर वहां लिखा है, तो उसका भी समुचित मूल्यांकन किया जाए।
- भाषा संबंधी त्रुटियां: वर्तनी या भाषा की गलतियों पर अंक कटौती केवल भाषा के विषयों (जैसे हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत) में ही की जाएगी। विज्ञान या गणित जैसे विषयों में भाषा की छोटी त्रुटियों के लिए अंक नहीं काटे जाएंगे।
ओएमआर (OMR) और लिखित परीक्षा का तालमेल
हाईस्कूल की परीक्षा के पैटर्न को स्पष्ट करते हुए बताया गया कि 70 अंकों की परीक्षा में से 20 अंक ओएमआर शीट पर आधारित थे, जबकि शेष 50 अंकों का मूल्यांकन लिखित उत्तर पुस्तिकाओं के माध्यम से किया जाना है। परिषद का लक्ष्य मूल्यांकन को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना है।