वाराणसी मौसम अपडेट: समय से पहले छाए बादल, 20 किमी की रफ्तार से चली पछुआ हवाएं; जानें कब होगी बारिश
वाराणसी। धर्म और आध्यात्म की नगरी काशी में मौसम के मिजाज ने अचानक करवट बदल ली है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान से लगभग 24 घंटे पहले ही आसमान में बादलों ने डेरा डाल दिया, जिससे शहरवासियों को भीषण गर्मी से थोड़ी राहत मिली है। शनिवार को वाराणसी में 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली पछुआ हवाओं ने वातावरण में सिहरन पैदा कर दी, जबकि तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।
पूर्वानुमान से पहले बदला मौसम
आमतौर पर मार्च के मध्य में वाराणसी में तेज धूप और गर्मी का असर दिखने लगता है, लेकिन इस बार बादलों की लुका-छिपी ने वैज्ञानिकों को भी चौंका दिया है। मौसम विभाग ने बारिश का जो अनुमान लगाया था, उससे एक दिन पहले ही घने बादलों की आवाजाही शुरू हो गई। शनिवार को दिन भर पछुआ हवाओं का जोर रहा, जिससे धूल भरी आंधियों जैसा माहौल बना रहा। हालांकि, अभी भारी बारिश नहीं हुई है, लेकिन वातावरण में नमी और हवा की गति ने मौसम को खुशनुमा बना दिया है।
तापमान का गणित: सामान्य से अधिक लेकिन गिरावट जारी
भले ही बादलों ने दस्तक दी है, लेकिन शनिवार को दर्ज किए गए आंकड़े अभी भी सामान्य से ऊपर बने हुए हैं। वाराणसी का अधिकतम तापमान सामान्य से 5 डिग्री अधिक यानी 36.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 4.1 डिग्री अधिक होकर 20.6 डिग्री सेल्सियस पर रहा।
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले 24 से 48 घंटों में इस स्थिति में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। अगले तीन दिनों के भीतर अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री और न्यूनतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है, जिससे रातें और अधिक ठंडी हो जाएंगी।
20 मार्च को बारिश के आसार और ओलावृष्टि की चेतावनी
यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में ‘द्रोणी’ (Trough Line) का असर दिख रहा है। यह द्रोणी उत्तर-पूर्वी उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ से होते हुए ओडिशा तक जा रही है। इस भौगोलिक बदलाव के कारण:
- बारिश की संभावना: वाराणसी में विशेष रूप से 20 मार्च को बारिश के प्रबल आसार हैं।
- तेज हवाएं: पूर्वांचल के कुछ जिलों में हवा की गति 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
- ओलावृष्टि: कुछ चुनिंदा इलाकों में बादलों की गर्जना के साथ ओले गिरने के संकेत भी मिले हैं।
किसानों के लिए सलाह
मौसम में आ रहे इस अचानक बदलाव का सीधा असर कृषि पर पड़ सकता है। ओलावृष्टि और तेज हवाएं गेहूं और सरसों की फसलों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती हैं। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखें और मौसम साफ होने तक सिंचाई रोक दें।
निष्कर्ष
वाराणसी में फिलहाल बादलों की आवाजाही जारी रहेगी। हालांकि बारिश का सटीक अलर्ट अभी केवल पूर्वांचल के कुछ हिस्सों के लिए है, लेकिन बनारस में 20 मार्च की तारीख अहम रहने वाली है। अगर आप अगले कुछ दिनों में गंगा घाट या शहर की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो अपने साथ छाता या रेनकोट जरूर रखें।