अयोध्या: गैस सिलेंडर की किल्लत पर भड़की सपा महिला विंग, अनोखे अंदाज में प्रदर्शन कर सरकार को घेरा
अयोध्या: धर्मनगरी अयोध्या में इन दिनों आम जनता रसोई गैस (LPG) की भारी किल्लत से जूझ रही है। इस समस्या को लेकर अब सियासत भी गरमा गई है। सोमवार को समाजवादी पार्टी की महिला विंग ने गैस सिलेंडर की कमी और कालाबाजारी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष सरोज यादव के नेतृत्व में सैकड़ों महिला कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर सरकार विरोधी नारे लगाए और प्रशासन को चेतावनी दी।
सिलेंडर पर माला चढ़ाकर किया सांकेतिक विरोध
प्रदर्शन का नजारा काफी भावुक और व्यंग्यात्मक था। सपा कार्यकर्ताओं ने गैस सिलेंडर को सफेद कपड़े में लपेटकर उस पर फूल-मालाएं चढ़ाईं। यह एक सांकेतिक विरोध था, जिसका अर्थ यह दर्शाना था कि आम आदमी की रसोई के लिए गैस सिलेंडर अब “मृतप्राय” या “दुर्लभ” हो गया है। महिलाओं ने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं, जिस पर बढ़ती महंगाई और गैस की अनुपलब्धता के खिलाफ स्लोगन लिखे थे।
“भूखे पेट स्कूल जा रहे हैं बच्चे” – सरोज यादव
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही सपा जिलाध्यक्ष सरोज यादव ने मीडिया से बात करते हुए सरकार और स्थानीय प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा:
”आज अयोध्या के शहरों से लेकर गांवों तक हाहाकार मचा है। गैस एजेंसियों पर सुबह 4 बजे से ही लंबी-लंबी लाइनें लग रही हैं, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। रसोई में ईंधन न होने के कारण चूल्हे ठंडे पड़े हैं। बच्चे सुबह बिना नाश्ता किए और भूखे पेट स्कूल जाने को मजबूर हैं।”
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि एक तरफ सरकार डिजिटल इंडिया और उज्ज्वला योजना की बात करती है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी जरूरतों के लिए जनता को दर-दर भटकना पड़ रहा है।
ज्ञापन सौंपकर आपूर्ति सुचारू करने की मांग
प्रदर्शन के बाद सपा महिला विंग का प्रतिनिधिमंडल जिला मुख्यालय पहुंचा, जहां उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि:
- अयोध्या के सभी गैस गोदामों पर पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया जाए।
- गैस वितरण में हो रही धांधली और कालाबाजारी पर तुरंत रोक लगाई जाए।
- होम डिलीवरी की व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए ताकि बुजुर्गों और महिलाओं को लाइनों में न लगना पड़े।
आम जनता की परेशानी और प्रशासनिक रुख
स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले कुछ हफ्तों से बुकिंग कराने के 10-15 दिन बाद भी सिलेंडर की डिलीवरी नहीं हो रही है। गैस एजेंसियों का दावा है कि पीछे से ही आपूर्ति कम आ रही है, जबकि प्रदर्शनकारियों का मानना है कि यह कृत्रिम किल्लत पैदा की गई है। जिला प्रशासन ने ज्ञापन लेने के बाद आश्वासन दिया है कि आपूर्ति श्रृंखला की जांच की जाएगी और जल्द ही स्थिति सामान्य कर दी जाएगी।